रोहतक, 26 जून 2026। हरियाणा के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (PGIMS Rohtak) ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान की बायोकेमिस्ट्री लैब (Biochemistry Lab) को नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) की प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई है। इस उपलब्धि के बाद पीजीआईएमएस रोहतक की लैब में होने वाली जांचों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिलेगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. एच.के. अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर बायोकेमिस्ट्री विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सिम्मी खरब और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह मान्यता संस्थान की गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीजों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरेंगी जांच रिपोर्ट
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने बताया कि NABH Accreditation मिलने का अर्थ है कि अब पीजीआईएमएस रोहतक की बायोकेमिस्ट्री लैब में होने वाली सभी जांचें अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होंगी। यहां से जारी होने वाली Lab Reports को देश और विदेश के अस्पतालों, मेडिकल संस्थानों तथा स्वास्थ्य संगठनों में स्वीकार्यता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रमाणपत्र नहीं बल्कि मरीजों के विश्वास और गुणवत्ता का प्रतीक है। अब मरीजों को अपनी जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता को लेकर किसी प्रकार की चिंता नहीं रहेगी।
उत्तर भारत का भरोसेमंद सरकारी जांच केंद्र बनने की दिशा में बड़ा कदम
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य PGIMS Rohtak को उत्तर भारत का सबसे भरोसेमंद सरकारी डायग्नोस्टिक सेंटर बनाना है। बायोकेमिस्ट्री लैब को मिली NABH मान्यता इस दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी। इससे संस्थान की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
डॉ. सिम्मी खरब के नेतृत्व में टीम की मेहनत लाई रंग
बायोकेमिस्ट्री विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सिम्मी खरब ने बताया कि NABH मान्यता प्राप्त करने के लिए पिछले लगभग एक वर्ष से लगातार तैयारी की जा रही थी। इस दौरान लैब के सभी उपकरणों का अंशांकन (Calibration), स्टाफ ट्रेनिंग, रिकॉर्ड मैनेजमेंट, क्वालिटी कंट्रोल और तकनीकी प्रक्रियाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया गया।
उन्होंने बताया कि NABH की विशेषज्ञ टीम ने दो दिनों तक लैब की सभी प्रक्रियाओं का गहन निरीक्षण किया, जिसके बाद यह मान्यता प्रदान की गई।
डॉ. खरब ने कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है और इससे मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रतिदिन 3000 से अधिक मरीजों की होती हैं जांचें
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने बताया कि PGIMS Rohtak Biochemistry Department में प्रतिदिन 3000 से अधिक मरीजों की जांच की जाती है। इनमें प्रमुख रूप से:
- शुगर टेस्ट (Blood Sugar Test)
- किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT)
- लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)
- लिपिड प्रोफाइल
- हार्मोन टेस्ट
- अन्य महत्वपूर्ण बायोकेमिकल जांचें
शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि NABH मान्यता मिलने के बाद अब हर रिपोर्ट के साथ गुणवत्ता और सटीकता की गारंटी मिलेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि गरीब मरीजों को भी सरकारी अस्पताल में निजी लैब जैसी विश्वसनीय जांच रिपोर्ट मुफ्त में उपलब्ध होगी।
टीम वर्क की मिसाल बनी बायोकेमिस्ट्री लैब
डॉ. सिम्मी खरब ने इस सफलता का श्रेय अपनी पूरी टीम को दिया। उन्होंने डॉ. वसुधा, डॉ. गुलशन, डॉ. दीपिका, उमेश, जसप्रीत, विजय कालरा, सभी लैब टेक्नीशियन और स्टाफ सदस्यों का विशेष आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल, निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल और विश्वविद्यालय प्रशासन के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी।
क्या है NABH मान्यता?
NABH (National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers) भारत सरकार की Quality Council of India (QCI) के अंतर्गत कार्य करने वाली एक स्वायत्त संस्था है। यह अस्पतालों और प्रयोगशालाओं की तकनीकी क्षमता, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली और मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं का मूल्यांकन करती है।
NABH मान्यता प्राप्त लैब की रिपोर्ट को दुनिया के 100 से अधिक देशों में स्वीकार किया जाता है, जिससे मरीजों और चिकित्सा संस्थानों का भरोसा बढ़ता है।
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