भारत सरकार द्वारा संचालित सघन पल्स पोलियो अभियान (Pulse Polio Abhiyan) के तहत अभियान के तीसरे दिन राज्य मुख्यालय चंडीगढ़ से नियुक्त राज्य नोडल अधिकारी डॉ. चांद सिंह मदान ने हिसार एवं हांसी का दौरा कर अभियान की प्रगति, गुणवत्ता और कवरेज का विस्तृत निरीक्षण किया। यह अभियान Polio Free Haryana और पोलियो उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सपना गहलोत, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (DIO) डॉ. दीपक चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल बुद्धिराजा, डॉ. कामिद मोंगा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. परमजीत यादव तथा जिला आशा कॉर्डिनेटर श्री रामपाल व्यास मौजूद रहे।
Pulse Polio Abhiyan Hisar के अंतर्गत डॉ. चांद सिंह मदान ने हिसार के आजाद नगर, ऋषि नगर और सेक्टर 1 से 4 तक विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। वहीं हांसी के 4-कुतुब गेट और भाटिया कॉलोनी में घर-घर जाकर उन बच्चों का सत्यापन किया गया, जिन्हें पल्स पोलियो की खुराक दी जा चुकी थी। उन्होंने लाभार्थी परिवारों से बातचीत कर अभियान की गुणवत्ता, बच्चों की कवरेज और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली का भी आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि Haryana Pulse Polio Campaign के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों, आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और फील्ड स्टाफ ने पूरी जिम्मेदारी, समर्पण और मेहनत के साथ अभियान को सफल बनाया है। टीमों ने घर-घर पहुंचकर पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का कार्य प्रभावी ढंग से किया।
राज्य नोडल अधिकारी डॉ. चांद सिंह मदान ने कहा कि भारत सरकार और हरियाणा सरकार पोलियो उन्मूलन अभियान को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जिलों में सघन पल्स पोलियो अभियान प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिसार और हांसी में भी पात्र बच्चों तक पोलियो रोधी दवा की दो बूंदें पहुंचाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अभियान से जुड़े सभी कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनभागीदारी, जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय कार्यशैली के बल पर ही Polio Free Haryana और Polio Free India के लक्ष्य को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित पल्स पोलियो अभियान, समय पर टीकाकरण और अभिभावकों की जागरूकता ही बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
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