झज्जर: गांव माजरा-दूबलधन स्थित तपोभूमि जटेला धाम के महंत राजेंद्र दास ने रविवार को निर्माणाधीन आयुष मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और अधिकारियों व निर्माण एजेंसी से कार्य की गुणवत्ता, प्रगति तथा निर्धारित समय सीमा के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
महंत राजेंद्र दास ने कहा कि आयुष मेडिकल कॉलेज का निर्माण क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगा। कॉलेज शुरू होने के बाद झज्जर सहित आसपास के जिलों के लोगों को आयुष चिकित्सा, शोध और उच्च शिक्षा की आधुनिक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने के साथ-साथ युवाओं को आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और अन्य आयुष पाठ्यक्रमों में बेहतर शिक्षा के अवसर भी मिलेंगे।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
निरीक्षण के दौरान महंत राजेंद्र दास ने निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कॉलेज भवन का निर्माण तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान भविष्य में पूरे क्षेत्र की पहचान बनेगा, इसलिए निर्माण कार्य में सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। महंत राजेंद्र दास ने इंजीनियरों से विभिन्न ब्लॉकों की प्रगति रिपोर्ट भी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
क्षेत्र को मिलेंगे कई बड़े लाभ
आयुष मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे:
- आयुष चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा।
- विद्यार्थियों को आयुर्वेद और अन्य आयुष पाठ्यक्रमों में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा।
- स्थानीय लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- रोजगार और शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- झज्जर और आसपास के मरीजों की बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी।
महंत राजेंद्र दास ने विश्वास जताया कि समय पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह आयुष मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा तथा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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