Haryana ITI
कैथल, हरियाणा: हरियाणा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने राज्य भर के राजकीय आईटीआई (Industrial Training Institutes) में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जर्जर और खंडहर भवनों में कक्षाएं बंद करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। निदेशालय ने सभी आईटीआई के मुखियाओं को पत्र जारी कर आदेश दिया है कि असुरक्षित भवनों में प्रशिक्षण गतिविधियां तुरंत बंद की जाएँ। यह कदम प्रदेश में आईटीआई में अध्ययनरत विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
जर्जर आईटीआई भवनों की स्थिति
दिसंबर माह में कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने सभी राजकीय आईटीआई भवनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर समस्याएं सामने आईं, जैसे:
-
छत में दरारें और प्लास्टर का उखड़ना
-
दीवारों में सीलन और नमी
-
फर्श की खराब स्थिति
-
कुछ भवनों को “कंडम” (अस्थायी उपयोग के लिए असुरक्षित) श्रेणी में चिन्हित
संयुक्त टीम की रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख था कि इन भवनों में कक्षाएं संचालित करना विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए गंभीर जोखिम है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर निदेशालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खंडहर और असुरक्षित भवनों में कक्षाएं न चलाने के आदेश जारी किए।
प्रदेश में सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम
राज्य के कई आईटीआई भवन 50 वर्ष से अधिक पुराने हैं, और भवनों की कमी के कारण अब तक इनमें कक्षाएं चलती रही हैं। ऐसे भवनों में किसी भी समय हादसा होने का खतरा बना हुआ था।
मुख्य कदमों में शामिल हैं:
-
आईटीआई कैथल: पुराने वीइआई भवन में चल रही कक्षाओं को सुरक्षित भवन में स्थानांतरित किया गया।
-
आईटीआई गुहना: पुराने भवन को कंडम घोषित किया गया और नए भवन के निर्माण की योजना शुरू कर दी गई।
-
संबंधित एजेंसियों को प्रस्ताव और बजट प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए भी अहम है।
🔹 अधिकारियों की प्रतिक्रिया
आईटीआई जिला नोडल अधिकारी सतीश मच्छाल ने कहा कि यह कदम विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जर्जर और खंडहर भवनों में कक्षाएं न चलाने का आदेश पूरे प्रदेश के राजकीय आईटीआई पर लागू होगा।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि नए भवनों के निर्माण पर तेजी से कार्य किया जा रहा है ताकि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित न हो। इसके अलावा, पुराने भवनों में सुरक्षा सुधार के लिए भी समय-समय पर निरीक्षण जारी रहेगा।
🔹 भविष्य की योजना
-
सभी आईटीआई में भवनों की नियमित सुरक्षा जांच
-
कंडम घोषित भवनों का नए भवनों से स्थानांतरण
-
प्रदेश के आईटीआई में सुरक्षित और आधुनिक शिक्षा वातावरण का निर्माण
हरियाणा राज्य सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि शिक्षा संस्थान न केवल गुणवत्ता वाली शिक्षा दें बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा भी सर्वोपरि रहे।

