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- दरिंदगी की इंतहां, आरोपित ने छात्रा को यूरिन भी पिलाया
- लिव-इन में रह रही पुलिस अधिकारी की 19 साल की बेटी से हुई दरिंदगी
- आशंका है कि भविष्य में पीड़िता न मां बन पाएगी और न ही चल पाएगी
- गुरुग्राम में लिव-इन संबंध की आड़ में दरिंदगी
- बीएससी छात्रा पर किए गए अमानवीय अत्याचार
- ऑनलाइन मोबाइल ऐप के जरिए दोनों की मुलाकात हुई
- शादी का झांसा देकर युवक ने युवती के साथ संबंध बनाए
- दोनों गुरुग्राम के पीजी में साथ रहने लगे, अब करने लगा था शक
गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम से सामने आया 19 वर्षीय छात्रा पर क्रूर हमले का मामला रिश्तों के नाम पर बढ़ती हिंसा की भयावह तस्वीर पेश करता है। बीएससी की पढ़ाई कर रही युवती, जो मूल रूप से त्रिपुरा की रहने वाली है और जिसकी मां वहां पुलिस अधिकारी हैं, अपने लिव-इन पार्टनर के साथ रह रही थी। आरोप है कि उसके दोस्त आरोपी शिवम ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि उसके निजी अंगों पर सैनिटाइजर डालकर लाइटर से आग लगा दी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने छात्रा को कई दिनों तक कमरे में बंधक बनाए रखा। उसके साथ शारीरिक हिंसा की गई, चाकू से हमला किया गया और कथित तौर पर उसका न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। पीड़िता की मां का आरोप है कि युवक ने बेटी को यूरिन तक पिलाया और लगातार प्रताड़ित किया।
पीड़ित ने मां को दी पूरी जानकारी
घटना तब उजागर हुई जब 16 फरवरी की रात करीब 10 बजे युवती ने अपनी मां को फोन कर बताया कि उसके पास समय कम है और उसे जान से मार दिया जाएगा। मां ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गंभीर रूप से घायल छात्रा को दिल्ली के Safdarjung Hospital में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों ने आशंका जताई है कि चोटें इतनी गंभीर हैं कि भविष्य में उसकी शारीरिक क्षमता प्रभावित हो सकती है।
नरेला का रहने वाला है आरोपित
पुलिस के अनुसार आरोपी दिल्ली के नरेला का रहने वाला है। सितंबर 2025 में एक ऑनलाइन मोबाइल ऐप के जरिए दोनों की मुलाकात हुई थी। बातचीत बढ़ी और शादी का झांसा देकर युवक ने युवती के साथ संबंध बनाए। बाद में दोनों गुरुग्राम के एक पीजी में साथ रहने लगे। कुछ समय बाद आरोपी को युवती के चरित्र पर संदेह होने लगा और यहीं से हिंसा की शुरुआत हुई।
युवती के पैरों पर चाकू से वार
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने युवती के पैरों पर चाकू से वार किया, सिर पर स्टील की बोतल से हमला किया और दीवार पर पटक दिया। इसके बाद सैनिटाइजर डालकर निजी अंगों को जलाया। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि मामले में दुष्कर्म और मारपीट सहित गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और केस को ‘चिन्हित अपराध’ की श्रेणी में रखकर विशेष निगरानी की जा रही है।
रिश्तों की आड़ में छिपी हिंसा
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि रिश्तों की आड़ में छिपी हिंसा की चेतावनी है। लिव-इन संबंध कानूनी रूप से मान्य हो सकते हैं, परंतु बिना समझ, भरोसे और पारदर्शिता के ऐसे रिश्ते खतरनाक साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बने संबंधों में सतर्कता बेहद जरूरी है।
यह भी संदेश
परिवार और समाज के लिए भी यह संदेश है कि युवा पीढ़ी से संवाद बनाए रखें। यदि किसी रिश्ते में हिंसा, नियंत्रण या अपमान के संकेत दिखें, तो उसे नजरअंदाज न करें। समय रहते मदद लेना ही सुरक्षा का पहला कदम है। गुरुग्राम की यह घटना याद दिलाती है कि प्यार और साझेदारी के नाम पर किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती। कानून अपना काम करेगा, लेकिन समाज को भी यह समझना होगा कि रिश्ते बराबरी, सम्मान और सुरक्षा पर टिके होते हैं डर और यातना पर नहीं।
