Ayushman Bharat Scheme
- आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल अस्पतालों को भुगतान में देरी का मामला
- अब अगली सुनवाई 20 जनवरी 2026 को होगी
- हर परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों को समय पर भुगतान न किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर की गई है। अगली सुनवाई 20 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। याचिका राम कुमार ने दायर की थी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि नीति के अनुसार, पैनल अस्पतालों को उनके क्लेम जमा करने के 15 दिनों (अधिकतम 30 दिनों) के भीतर भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन कई बार भुगतान महीनों तक विलंबित रहे हैं, जिससे अस्पतालों को चलाने और मरीजों के इलाज में कठिनाइयां आ रही हैं।
यह गंभीर समस्या बनी
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि देरी के कारण कुछ अस्पतालों को इलाज स्थगित करना पड़ा है और यह गंभीर समस्या बनी हुई है। उन्होंने हाईकोर्ट से निर्देश देने का अनुरोध किया कि राज्य सरकारें नीति के तहत भुगतान समयबद्ध रूप से करें। अदालत ने इस पर ध्यान देते हुए सभी तीनों सरकारों को नोटिस जारी किए।
पंजाब ऐसे कर रहा भुगतान
याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार “पहले जमा, पहले भुगतान” के आधार पर भुगतान करती है, जबकि हरियाणा सरकार ने कहा है कि वह 30 दिनों के भीतर भुगतान पूरा करने का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद देरी जारी रहने के कारण यह मुकदमा हाईकोर्ट तक पहुंचा।
अयुष्मान भारत योजना साल 2018 में शुरू
याचिका के अनुसार अयुष्मान भारत योजना साल 2018 में शुरू की गई थी, ताकि हर परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल सके और केंद्र तथा राज्य सरकार खर्च को 60:40 के अनुपात में साझा करें। कोर्ट ने अब सरकारों से स्पष्ट जवाब मांगते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की है और कहा है कि यह मामला नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकार से जुड़ा है।
