फरीदाबाद में ऑनलाइन ट्रेडिंग और टेलीग्राम टास्क के नाम पर साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार फरीदाबाद की एक महिला को घर बैठे कमाई का लालच देकर 90,430 रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। मामले में साइबर थाना एनआईटी, फरीदाबाद की टीम ने कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय, निवासी गांव कितोरा, जिला ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 27,980 रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
ऐसे दिया गया ऑनलाइन कमाई का झांसा
पुलिस के अनुसार, 7 अप्रैल को ई. रोज अपार्टमेंट, फरीदाबाद निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि उसे फोन के जरिए ऑनलाइन पैसे कमाने का ऑफर दिया गया। इसके बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के उत्पादों की तस्वीरें साझा करने जैसे आसान टास्क दिए गए।
शुरुआत में कुछ छोटे भुगतान कर महिला का भरोसा जीता गया। इसके बाद अधिक मुनाफे का लालच देकर प्रीपेड टेलीग्राम टास्क और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर अलग-अलग किस्तों में 90,430 रुपये जमा करवा लिए। पैसे जमा होने के बाद ठगों ने संपर्क बंद कर दिया।
जांच में क्या सामने आया?
तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के दौरान पुलिस आरोपी तक पहुंची। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका बैंक खाता गांव के ही एक व्यक्ति ने खुलवाया था। खाते में उसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज था, जबकि बैंकिंग किट और एटीएम कार्ड भी उसी के पास थे।
पुलिस अब इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
महिला की शिकायत के आधार पर साइबर थाना एनआईटी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। डिजिटल साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी को ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
ऑनलाइन ठगी से कैसे बचें?
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग, टेलीग्राम टास्क, वर्क फ्रॉम होम जॉब या जल्दी पैसा कमाने का दावा करने वाले किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें। निवेश करने से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी जरूर जांचें और किसी भी स्थिति में OTP, UPI PIN या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
यदि आपके साथ साइबर ठगी होती है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
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