Haryana school :
- -मुख्य अध्यापक और प्रिंसिपल अपने स्तर पर ही छोटे-मोटे मरम्मत और जरूरी काम करवा सकेंगे
- -इस फैसले से स्कूलों को अब छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) या शिक्षा निदेशालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे
Haryana school : चंडीगढ़। हरियाणा शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली में सुधार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अहम निर्णय लिया है। अब स्कूलों के मुख्य अध्यापक और प्रिंसिपल अपने स्तर पर ही छोटे-मोटे मरम्मत और जरूरी काम करवा सकेंगे। इस फैसले से स्कूलों को अब छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) या शिक्षा निदेशालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
अब नहीं लगेगा फाइलों का चक्कर
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशों के बाद यह बदलाव लागू किया गया है। उनका मानना है कि छोटी-छोटी समस्याओं के लिए समय और पैसे की बर्बादी नहीं होनी चाहिए। अब स्कूल स्तर पर ही तुरंत निर्णय लेकर काम कराए जा सकेंगे, जिससे स्कूलों का माहौल और व्यवस्थाएं बेहतर होंगी।
किन-किन कामों की मिली अनुमति?
स्कूल मुखिया अब निम्नलिखित कार्य तुरंत करवा सकेंगे:
- टूटे स्विच, पंखों और बिजली वायरिंग की मरम्मत
- पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करना
- नल, टोटी और पाइप लीकेज ठीक कराना
- दरवाजे-खिड़कियों की मरम्मत, शीशे और हैंडल बदलना
- दीवारों की सफेदी और दरारों की मरम्मत
- बरसात से पहले छतों की मरम्मत
- शौचालयों की सफाई और सुधार
- स्कूल परिसर में बगीचे और खेल मैदान की देखरेख
शर्तों के साथ दी गई छूट
सरकार ने जहां स्कूलों को वित्तीय अधिकार दिए हैं, वहीं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं:
- स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) की सहमति अनिवार्य होगी
- हर खर्च का पूरा बिल और रिकॉर्ड रखना होगा
- कार्य एक तय वित्तीय सीमा के भीतर ही किए जा सकेंगे
- भविष्य में ऑडिट के लिए सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे
छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से:
- स्कूलों में लालफीताशाही कम होगी
- छोटे कामों के लिए महीनों का इंतजार खत्म होगा
- छात्रों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिलेगा
- अभिभावकों और आगंतुकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
निष्कर्ष
हरियाणा सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब स्कूलों को आत्मनिर्भर बनाते हुए बुनियादी सुविधाओं को तेजी से सुधारने पर जोर दिया गया है, जिससे शिक्षा का माहौल और बेहतर होगा।
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