Kaithal Encounter News
हरियाणा के कैथल जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। Kaithal Encounter News के तहत गांव चौशाला में पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने चंडीगढ़ के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर मर्डर केस में फरार दो आरोपियों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों की टांगों में गोलियां लगीं, जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में काबू किया गया।
यह कार्रवाई न केवल हरियाणा बल्कि चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस के लिए भी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
🔎 मुठभेड़ कैसे हुई? (Kaithal Police Encounter Details)
पुलिस के अनुसार, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स को गुप्त सूचना मिली थी कि चंडीगढ़ मर्डर केस के आरोपी चौशाला गांव में छिपे हुए हैं। इसके बाद टीम ने इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।
जब संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई।
इस दौरान:
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एक आरोपी को 3 गोलियां लगी
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दूसरे आरोपी को 2 गोलियां लगी
दोनों को घायल अवस्था में तुरंत काबू कर लिया गया।
👤 कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
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राजन उर्फ पीयूष पहलवान (निवासी फिरोजपुर)
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प्रीतम शाह (निवासी नवांशहर)
ये दोनों आरोपी गांव चौशाला के एक घर में छिपकर रह रहे थे और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे।
चंडीगढ़ मर्डर केस से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में हुए प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत नागरा उर्फ चीनी की हत्या से जुड़ा हुआ है। इस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी।
पुलिस को लंबे समय से इन दोनों आरोपियों की तलाश थी और कई राज्यों में छापेमारी की जा रही थी। अंततः यह जानकारी मिली कि आरोपी हरियाणा के कैथल जिले में छिपे हुए हैं।
विदेश से अवैध तरीके से भारत लौटा मुख्य आरोपी
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी राजन उर्फ पीयूष पहलवान कुछ समय पहले मलेशिया से नेपाल के रास्ते अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुआ था।
वह लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बच रहा था। यह जानकारी इस केस को और भी गंभीर बना देती है और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की ओर इशारा करती है।
अस्पताल में चला लंबा इलाज
एनकाउंटर के बाद दोनों घायल आरोपियों को तुरंत कलायत उप मंडल नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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करीब 1 घंटे से ज्यादा समय तक ऑपरेशन चला
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सुरक्षा के लिए अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा
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बाद में दोनों आरोपियों को कैथल रेफर कर दिया गया
इस दौरान अस्पताल को पूरी तरह पुलिस सुरक्षा में रखा गया।
मौके से हथियार और बाइक बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
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हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक
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अवैध हथियार
बरामद किए हैं। ये बरामदगी इस केस में महत्वपूर्ण सबूत मानी जा रही है।
गांव बना पुलिस छावनी
एनकाउंटर के बाद चौशाला गांव पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
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चारों तरफ पुलिस का घेरा
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आम लोगों की एंट्री बंद
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केवल उच्च अधिकारी मौके पर मौजूद
गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया था।
पुलिस अधिकारियों की बड़ी कार्रवाई
इस ऑपरेशन को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पंजाब के एसपी विक्रमजीत बराड़ के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी ललित यादव भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
इसके बाद:
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जांच टीमें सक्रिय की गईं
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सबूत जुटाने का काम शुरू हुआ
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पूरे इलाके की सघन तलाशी ली गई
गैंग नेटवर्क का हो सकता है बड़ा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान:
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गैंग के अन्य सदस्यों की जानकारी
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मर्डर केस के मास्टरमाइंड
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अन्य आपराधिक गतिविधियों
के बारे में अहम खुलासे हो सकते हैं।
दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिससे यह साफ होता है कि वे एक बड़े गैंग का हिस्सा हैं।
परिवार ने पोस्टमॉर्टम पर जताई थी आपत्ति
सूत्रों के अनुसार, प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत नागरा के परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक पोस्टमॉर्टम न कराने की बात कही थी। इससे इस केस की संवेदनशीलता और बढ़ गई थी।
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