चंडीगढ़। PGI-D Report 2025 Haryana Punjab ने हरियाणा और पंजाब की स्कूली शिक्षा व्यवस्था के बीच मौजूद अंतर को उजागर कर दिया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स फॉर डिस्ट्रिक्ट्स (PGI-D) 2024-25 रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला गुरुग्राम भी पंजाब के सबसे कम स्कोर वाले जिले पटियाला से पीछे रहा। यह जिला शिक्षा रैंकिंग 2025 दर्शाती है कि पंजाब ने स्कूल शिक्षा गुणवत्ता और सीखने के परिणामों के मामले में बेहतर प्रदर्शन किया है।
PGI-D Report 2025 Haryana Punjab में क्या सामने आया?
शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में देशभर के जिलों का मूल्यांकन सीखने के परिणाम, प्रभावी कक्षा शिक्षण, आधारभूत ढांचा, डिजिटल शिक्षा, विद्यार्थियों के अधिकार, स्कूल सुरक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं जैसे महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में गुरुग्राम ने 375 अंक प्राप्त कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद पंचकूला (373 अंक), फरीदाबाद (368 अंक) और करनाल (365 अंक) रहे। इन सभी जिलों को ‘उत्तम-3’ श्रेणी में रखा गया है, जो हरियाणा के लिए सर्वोच्च ग्रेड है।
हालांकि, पंजाब शिक्षा रैंकिंग में सबसे कम अंक प्राप्त करने वाला जिला पटियाला भी 383 अंक हासिल करने में सफल रहा, जो हरियाणा के शीर्ष जिले गुरुग्राम से अधिक है।
हरियाणा के इन जिलों ने भी किया अच्छा प्रदर्शन
हरियाणा शिक्षा रैंकिंग में कई अन्य जिलों ने भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए ‘प्रचेष्टा-1’ श्रेणी में स्थान बनाया है।
- जींद – 360 अंक
- कुरुक्षेत्र – 358 अंक
- कैथल – 357 अंक
- रेवाड़ी – 356 अंक
- झज्जर – 354 अंक
- चरखी दादरी – 354 अंक
- पानीपत – 353 अंक
- सोनीपत – 352 अंक
- रोहतक – 347 अंक
- महेंद्रगढ़ – 345 अंक
- सिरसा – 344 अंक
- फतेहाबाद – 342 अंक
- अंबाला – 341 अंक
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य के कई जिले सरकारी स्कूल प्रदर्शन रिपोर्ट में बेहतर स्थिति में हैं, लेकिन पंजाब की तुलना में अभी भी पीछे हैं।
हरियाणा बनाम पंजाब शिक्षा: कौन आगे?
हरियाणा बनाम पंजाब शिक्षा तुलना में पंजाब ने बेहतर प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के अधिकांश जिले उच्च श्रेणी में शामिल हुए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि स्कूल शिक्षा गुणवत्ता, सीखने के परिणाम रिपोर्ट और विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन के मामले में पंजाब की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
हाल ही में जारी राज्य स्तरीय PGI 2.0 रिपोर्ट में भी पंजाब देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहा था, जबकि हरियाणा ‘प्रचेष्टा-3’ श्रेणी में रहा।
शिक्षा मंत्रालय रिपोर्ट क्या संकेत देती है?
यह शिक्षा मंत्रालय रिपोर्ट बताती है कि हरियाणा ने आधारभूत ढांचे और शिक्षा तक पहुंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक, विद्यार्थियों के सीखने के परिणाम और समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन में अभी और सुधार की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष राज्यों में स्थान बनाना है तो उसे शिक्षण गुणवत्ता, डिजिटल शिक्षा और सीखने के परिणामों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना होगा।
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