Lohri Worship Fire Lighting
- लोहड़ी पर्व पर शहर के गुरुद्वारों में कीर्तन के साथ कॉलेजों में भी होंगे कार्यक्रम
- लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोकपर्व
- जिसे विशेष रूप से पंजाब व हरियाणा में मनाया जाता
- लहलहाती यौवन पर आई नई फसल के स्वागत का प्रतीक है यह त्योहर
वार्ता एचआर न्यूज । लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी, मंगलवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। अगले दिन 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनेगी। श्री श्याम मंदिर फतेहाबाद के पुजारी पंडित सोनू शर्मा ने बताया कि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 13 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 18 मिनट तक भद्रा रहेगी, इसलिए लोहड़ी का पूजन और अग्नि प्रज्वलन शाम के समय करना श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन सूर्यास्त शाम 5 बजकर 44 मिनट पर होगा, जिसके बाद का प्रदोष काल लोहड़ी पूजन के लिए सबसे शुभ रहेगा। लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोकपर्व है, जिसे विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी कॉलोनियों तक, लोहड़ी के दिन शाम होते ही अलाव जलाए जाते हैं और लोग पारंपरिक गीतों व नृत्य के साथ इस पर्व को मनाते हैं। शहर के मंदिरो सहित कई जगह अलाव चलाकर शाम को ढोल की धमक पर कार्यक्रम होंगे।
सामाजिक समरसता का पर्व
लोहड़ी सामाजिक समरसता का भी पर्व है। शहरों की कॉलोनियों, सोसाइटियों और गांवों की गलियों में सामूहिक रूप से अलाव जलाकर लोग नाच-गाकर जश्न मनाएंगे। अहरवां स्थित शहीद बाबा दीप सिंह नर्सिंग कॉलेज, क्रेसंट स्कूल, एमएम बीएड कॉलेज आदि अनेक शैक्षणिक संस्थानों सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रम होंगे। लहलहाती यौवन पर आई नई फसल के स्वागत का प्रतीक है। शहरों में इसकी खास उमंग रहेगी। शाम के समय अग्नि के चारों ओर परिक्रमा करते हुए लोग तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी, मूंगफली, मक्का और गेहूं की बालियां अग्नि में अर्पित करेंगे।
सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना
इसके साथ ही सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की जाती है। पंडित सोनू शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लोहड़ी व मकर संक्रांति दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। सूर्य के उत्तरायण होने को सकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य और खुशहाली का संकेत माना गया है। यही कारण है कि लोहड़ी को नई शुरुआत और उमंग का पर्व भी कहा जाता है।
पर्व का यह रहेगा शुभमुहूर्त और विशेषता
-लोहड़ी की तिथि : 13 जनवरी मंगलवार
-भद्रा समाप्त : दोपहर 3:18 बजे तक
-सूर्यास्त का समय : शाम 5:44 बजे
-शुभ मुहूर्त : शाम 5:44 से 7:44 बजे (प्रदोष काल)

