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झज्जर के रईया में 13.27 करोड़ रुपये का बागवानी अनुसंधान केंद्र बनेगा

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Jun 18, 2026
हरियाणा बागवानी परियोजना

हरियाणा बागवानी परियोजना

  • बागवानी में हरियाणा का बड़ा दांव, 75 करोड़ की परियोजनाओं से किसानों को मिलेगी नई ताकत
  • मुनीमपुर में 8.50 करोड़ रुपये का उत्कृष्टता केंद्र उद्घाटित।
  • कुल 75 करोड़ रुपये की नौ विकास परियोजनाएं जनता को समर्पित।
  • कृषि और बागवानी में भारत-इजरायल सहयोग को मिलेगा नया विस्तार।
  • युवाओं से कृषि आधारित स्टार्टअप और एग्री-बिजनेस अपनाने का आह्वान।

झज्जर। हरियाणा सरकार ने कृषि के साथ-साथ बागवानी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को झज्जर के रईया में अत्याधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र और मुनीमपुर बादली में बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 75 करोड़ रुपये से अधिक की नौ विकास परियोजनाएं जनता को समर्पित की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने तथा खेती को लाभकारी बनाने पर सरकार का फोकस है। उन्होंने युवाओं से कृषि को केवल रोजगार नहीं, बल्कि उद्यमिता का माध्यम बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

13.27 करोड़ से बनेगा बागवानी अनुसंधान केंद्र

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि रईया में करीब 100 एकड़ भूमि पर 13.27 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित बागवानी अनुसंधान केंद्र किसानों, वैज्ञानिकों और नई तकनीकों के बीच सेतु का काम करेगा। यहां फल, सब्जी और पुष्प फसलों की उन्नत किस्मों, जल संरक्षण, रोग प्रबंधन और उत्पादन वृद्धि पर शोध किया जाएगा। वहीं मुनीमपुर में 8.50 करोड़ रुपये की लागत से बने बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र से किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा।

फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित कर रहे

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। भावांतर भरपाई योजना के तहत अब तक 39 हजार से अधिक किसानों को 196 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। प्रदेश में इजरायल तकनीक आधारित 14 उत्कृष्टता केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2,738 करोड़ रुपये की लागत वाली सतत बागवानी संवर्धन परियोजना के तहत 400 बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे तथा 500 उत्पादक समूहों को संगठित किया जाएगा। इसके अलावा सूक्ष्म सिंचाई, वर्षा जल संचयन, ग्रीन हाउस, हाइड्रोपोनिक्स और वर्टिकल फार्मिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।

बादली विधानसभाको मिलीं बड़ी सौगातें

-बादली में 50 बेड का आधुनिक अस्पताल बनेगा।
-भिंडावास में आदर्श खेल स्टेडियम स्थापित होगा।
-70 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण पर 52 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
-बादली उत्तरी बाईपास को फोरलेन बनाने के लिए 30 करोड़ रुपये मंजूर।
-सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं पर 63 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
-ग्रामीण विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये की घोषणा।

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