Gaon Kaul Chedchad Mamla
परिवार बोला: दो दिन बाद भी आरोपी गिरफ्त से बाहर, पुलिस कार्रवाई पर सवाल
गांव कौल में वाल्मीकि समुदाय की युवती से कथित छेड़छाड़ के मामले को लेकर ग्रामीणों में रोष देखने को मिला। रविवार को पीड़ित परिवार के घर पर समाज के लोगों और ग्रामीणों ने एकत्र होकर मामले में जल्द कार्रवाई की मांग उठाई।
पीड़िता नेहा ने बताया कि गांव निवासी राजपाल नामक युवक उनके घर आया था। उस समय घर पर उसके माता-पिता और चाचा-चाची मौजूद नहीं थे। नेहा के अनुसार युवक को घर में किसी के न होने की जानकारी देने के बावजूद वह कमरे में आकर बैठ गया। आरोप है कि बाद में युवक ने उसके साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर कमरे का दरवाजा बंद कर दिया।
नेहा ने बताया कि किसी तरह वह खुद को छुड़ाकर बाहर निकली और पड़ोस में रहने वाली महिला को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
पीड़िता के पिता जोगिंदर ने थाना ढांड पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि शिकायत देने के बावजूद दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। परिवार ने कहा कि वे डीएसपी के आने का इंतजार कर रहे हैं और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घटना के बाद गांव के कई लोग पीड़ित परिवार के समर्थन में पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
“पुलिस ने पहले नहीं सुनी बात, विरोध के बाद दर्ज हुआ मामला” : जोगिंदर
पीड़िता के पिता जोगिंदर ने आरोप लगाया कि ढांड थाना पुलिस ने शुरू में उनकी कोई बात नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि जब समुदाय के लोग थाने पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू किया, तब पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। जोगिंदर ने इसे पुलिस और आरोपी की मिलीभगत बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई को धीमा करने के लिए छुट्टी पर गए एक कर्मचारी को जांच अधिकारी (आईओ) नियुक्त कर दिया गया, जिससे जांच प्रभावित हो रही है। परिवार का कहना है कि इस वजह से मामले में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है।
जोगिंदर ने कहा कि इसके बाद वे डीएसपी कैथल से मिले, जिन्होंने घटना स्थल पर पहुंचने का भरोसा दिया था। परिवार न्याय की उम्मीद लेकर घर लौट आया, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी डीएसपी मौके पर नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि उनकी बेटी अभी भी डरी हुई है और सदमे में है।
वहीं, पीड़िता के चाचा संदीप ने कहा कि आरोपी के साथ उनका कोई निजी संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले राजपाल हड़म्बा मशीन दिलवाने की बात कर रहा था, जिस पर उन्होंने “देख लेंगे” कहा था। इसके अलावा उनकी आरोपी से कोई विशेष बातचीत नहीं हुई।
डीएसपी रमेश कुमार ने बताया कि मामले में युवती का मेडिकल परीक्षण और धारा 164 के तहत बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अब पुलिस घटना स्थल का नक्शा ड्राफ्ट तैयार कर रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित परिवार के आरोपों पर पुलिस अधिकारियों द्वारा गांव में पहुंचने का भरोसा देने पर कोई बात नहीं हुई।
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