Haryana Mandi Biometric Verification
धान खरीद घोटाले के बाद सरकार सख्त, बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही मिलेगा मंडी गेट पास
रोहतक: प्रदेश की मंडियों में इस बार सरसों और गेहूं की सरकारी खरीद पहले से अधिक सख्त और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। पिछले खरीफ सीजन में धान खरीद के दौरान सामने आए बड़े घोटाले के बाद सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है।
अब किसानों को मंडी में फसल बेचने के लिए बायोमीट्रिक सत्यापन करवाना अनिवार्य होगा। यानी किसान को मंडी में प्रवेश से पहले मशीन पर अपना अंगूठा लगाकर पहचान सत्यापित करनी होगी, तभी उसे गेट पास जारी किया जाएगा और वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेच सकेगा।
27 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद
सरकार के फैसले के अनुसार प्रदेश में 27 मार्च से सरसों की खरीद और 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी।
मंडी के प्रवेश द्वार पर तैनात कर्मचारी सबसे पहले किसान से उसका पंजीकरण नंबर या मोबाइल नंबर लेंगे। इसके बाद बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगवाकर किसान की पहचान की पुष्टि की जाएगी।
पहचान सत्यापित होने के बाद ही किसान को मंडी का गेट पास मिलेगा। बिना गेट पास के किसी भी किसान की फसल सरकारी दर पर नहीं खरीदी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से फर्जी खरीद और बिचौलियों की भूमिका पर रोक लगेगी।
तौल भी होगी पूरी तरह डिजिटल
इस बार मंडियों में फसल की तौल प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है।
अधिकारियों के अनुसार अब फसलों का वजन इलेक्ट्रॉनिक कांटों से किया जाएगा, जिससे तौल में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना खत्म हो जाएगी।
बताया जा रहा है कि 5 मार्च को खरीद एजेंसियों और संबंधित विभागों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह फैसला लिया गया था।
प्रदेश में करीब 15 लाख 81 हजार 908 किसान Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर पंजीकरण कर चुके हैं और सरकार केवल इन्हीं पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर फसल खरीदेगी।
ऐसे मिलेगा मंडी गेट पास
मंडी में गेट पास जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है।
गेट पास प्राप्त करने के लिए किसान को:
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Meri Fasal Mera Byora पर पंजीकरण करना होगा
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मंडी कर्मचारी को अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर बताना होगा
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बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाना होगा
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पहचान को Aadhaar से मिलाया जाएगा
पहचान सत्यापित होने के बाद ही किसान को फसल बेचने के लिए गेट पास जारी किया जाएगा। यदि मशीन में अंगूठे के निशान मेल नहीं खाते हैं तो गेट पास जारी नहीं होगा।
करनाल में सामने आया था बड़ा घोटाला
सरकार की सख्ती के पीछे पिछले साल Karnal में सामने आया धान खरीद घोटाला प्रमुख वजह है।
जांच में खुलासा हुआ था कि मंडियों में धान पहुंचे बिना ही किसानों के नाम पर बड़ी संख्या में फर्जी गेट पास जारी कर दिए गए थे और सरकारी रिकॉर्ड में धान की खरीद दिखा दी गई थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड, मार्केट कमेटी और वेयरहाउस से जुड़े कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी।
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