• Mon. Mar 2nd, 2026

Haryana , करियर और मनोरंजन की ख़बरें - Vartahr

हरियाणा, देश विदेश, करियर, खेल, बाजार और मनोरंजन की ख़बरें

Rohtak में सजी यादों की महफिल: गोच्छवाल परिवार का 8वां अंतरराष्ट्रीय मिलन

Byadmin

Mar 2, 2026
Rohtak

Rohtak एक बार फिर रिश्तों, परंपराओं और भावनाओं का गवाह बना, जब देश-विदेश से लौटे गोच्छी गांव के परिवार एक मंच पर एकत्रित हुए।

मौका था गोच्छवाल प्रवासी सोसायटी द्वारा आयोजित 8वें अंतरराष्ट्रीय परिवार मिलन एवं होली समारोह का। यह आयोजन गोहाना रोड स्थित गरिमा गार्डन में उत्साह, आत्मीयता और पारिवारिक गर्मजोशी के साथ सम्पन्न हुआ।

यह केवल एक कार्यक्रम नहीं था—यह अपनी जड़ों से जुड़ने, रिश्तों को मजबूत करने और नई पीढ़ी को परंपरा से परिचित कराने का अनूठा अवसर था।


Rohtak

कार्यक्रम की शुरुआत: परंपरा और सम्मान के साथ

समारोह का शुभारंभ गांव के 97 वर्षीय वरिष्ठ सदस्य जयकरण द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। दीप जलते ही पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर उठा।

यह क्षण भावनात्मक भी था और प्रेरणादायक भी। इसने कार्यक्रम को पारंपरिक गरिमा प्रदान की और उपस्थित लोगों के मन में अपने गांव के प्रति गर्व की भावना जगाई।


समाज की एकता का संदेश

समिति के प्रधान बलजीत सिंह अहलावत ने अपने संबोधन में कहा:

“यह आयोजन केवल मिलन नहीं, बल्कि समाज की एकता, सहयोग और भविष्य की दिशा तय करने का माध्यम है।”

उन्होंने शिक्षा, सामाजिक उत्थान और समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में समाज के अनेक सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें पूर्व विधायक डॉ. वीरेंद्र पाल, कैप्टन सुखबीर सिंह, डॉ. जसबीर अहलावत सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

मंच संचालन राजवीर भारद्वाज ने प्रभावशाली और संयमित ढंग से किया, जिससे पूरा कार्यक्रम सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ।


Rohtak

Rohtak में सांस्कृतिक विरासत की झलक

डॉ. जगबीर राठी की भावुक प्रस्तुति

समारोह का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार Dr. Jagbir Rathi की प्रस्तुति रही।

उनकी प्रसिद्ध रचना ‘माटी का चूल्हा’ ने श्रोताओं को बचपन और गांव की यादों में लौटा दिया।

  • कई बुजुर्गों की आंखें नम हो गईं

  • युवाओं ने तालियों से स्वागत किया

  • पूरा माहौल भावनाओं से भर उठा

यह प्रस्तुति सांस्कृतिक जुड़ाव और मिट्टी की खुशबू का जीवंत उदाहरण बनी।


Rohtak

बेटियों का सम्मान: समाज के लिए प्रेरणा

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाली बेटियों प्राची अहलावत और शालिनी अहलावत को विशेष सम्मान से नवाजा गया।

पूरा पंडाल गर्व से गूंज उठा। यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के बढ़ते सम्मान का प्रतीक था।

यह संदेश स्पष्ट था:

  • बेटियां समाज की शान हैं

  • शिक्षा और खेल में उनकी भागीदारी जरूरी है

  • परिवार और गांव का नाम रोशन करने में बेटियां आगे हैं


दशकों बाद मिले बचपन के साथी

समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कई बुजुर्ग वर्षों बाद अपने बचपन के मित्रों से मिले।

  • गले मिलते ही आंखें नम हो गईं

  • गांव की गलियों की बातें हुईं

  • खेत-खलिहानों की यादें ताजा हुईं

यह पुनर्मिलन रिश्तों की डोर को और मजबूत करने वाला साबित हुआ।


नई पीढ़ी ने जाना अपनी जड़ों का इतिहास

कार्यक्रम में युवाओं और बच्चों के लिए विशेष संवाद सत्र रखा गया।

बुजुर्गों ने साझा किए:

  • गांव का इतिहास

  • परिवार की विरासत

  • पुरानी परंपराएं

  • संघर्ष और सफलता की कहानियां

नई पीढ़ी ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और अपनी सांस्कृतिक पहचान को समझने का संकल्प लिया।

यह पहल cultural heritage awareness, family reunion event, और community bonding in Rohtak जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को मजबूत करती है।


होली के रंगों में घुली भाईचारे की मिठास

समारोह का समापन होली के रंगों के साथ हुआ।

  • एक-दूसरे को गुलाल लगाया गया

  • लोकगीतों पर नृत्य हुआ

  • ढोल की थाप पर उत्साह चरम पर रहा

यह दृश्य आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक बन गया।


सामूहिक भोज: एकता और समानता का संदेश

समारोह में पारंपरिक व्यंजनों के साथ सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई।

  • सभी एक पंक्ति में बैठे

  • बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सहभागिता

  • समानता और एकता का संदेश

सामूहिक भोज भारतीय संस्कृति की उस परंपरा को दर्शाता है, जहां भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि रिश्तों को जोड़ने का माध्यम होता है।


Rohtak में ऐसे आयोजन क्यों हैं महत्वपूर्ण?

Rohtak और आसपास के क्षेत्रों में प्रवासी परिवार बड़ी संख्या में देश-विदेश में बसे हैं।

ऐसे आयोजन:

  • सामाजिक जुड़ाव मजबूत करते हैं

  • नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ते हैं

  • समाज में सहयोग की भावना बढ़ाते हैं

  • सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं

यह केवल एक Rohtak family reunion नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन जैसा प्रयास है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *