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हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन रूल्स 2016 में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी
🔹 मुख्य बिंदु
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हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन रूल्स 2016 में संशोधन को मंजूरी
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DLCC में संयुक्त/उप निदेशक, जिला MSME केंद्र को बनाया गया सदस्य
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Ease of Doing Business को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम
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MSME और निवेशकों को मिलेगा तेज, पारदर्शी और प्रभावी निर्णय तंत्र
चंडीगढ़।
हरियाणा में व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) को और मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन रूल्स, 2016 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत अब संयुक्त निदेशक/उप निदेशक, जिला MSME केंद्र को जिला स्तरीय क्लीयरेंस समिति (DLCC) का सदस्य बनाया गया है।
DLCC में MSME विभाग की भागीदारी होगी मजबूत
सरकार का मानना है कि DLCC में MSME विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के शामिल होने से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) से जुड़े मामलों में निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, व्यावहारिक और प्रभावी होगी। इससे निवेश प्रस्तावों की जांच, अनुमोदन और क्रियान्वयन में होने वाली देरी कम होगी, जिसका सीधा लाभ उद्यमियों और निवेशकों को मिलेगा।
उद्योगों के लिए अनुकूल इकोसिस्टम बनाने पर जोर
हरियाणा सरकार ने हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन एक्ट, 2016 और उससे जुड़े नियमों को इस उद्देश्य से लागू किया है कि राज्य में उद्योगों और निवेश के लिए एक अनुकूल, पारदर्शी और निवेश-मित्र वातावरण तैयार किया जा सके। सरकार का लक्ष्य उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, लागत और समय को कम करना तथा प्रणाली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है।
HEPB, EEC और DLCC की भूमिका
हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन एक्ट, 2016 के तहत—
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धारा 3 के अंतर्गत हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन बोर्ड (HEPB) का गठन किया गया है।
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धारा 4 के अंतर्गत सशक्त कार्यकारी समिति (EEC) गठित की गई है।
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धारा 8 के अनुसार राज्य के प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय क्लीयरेंस समिति (DLCC) का गठन किया गया है, जो निवेश और उद्यमों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी देने का कार्य करती है।
DLCC जिला स्तर पर निवेशकों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम की भूमिका निभाती है।
MSME विभाग की अहम भूमिका
गौरतलब है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विभाग का गठन MSME और छोटे व्यवसायों को सहयोग, मार्गदर्शन और सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। यह विभाग उद्यमिता से जुड़ी जानकारी की कमी, व्यावसायिक चुनौतियों और शिकायतों के त्वरित समाधान पर काम करता है।
राज्य के प्रत्येक जिले में जिला MSME केंद्र कार्यरत हैं और MSME विभाग की कई योजनाओं को समय-समय पर DLCC द्वारा मंजूरी दी जाती है। नए संशोधन से DLCC में MSME विभाग की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया अधिक व्यावहारिक बनेगी।
निवेशकों और उद्यमियों को होगा सीधा लाभ
सरकार का कहना है कि इस संशोधन से न केवल MSME सेक्टर को मजबूती मिलेगी, बल्कि निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा। यह कदम हरियाणा को एक उद्योग-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
