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Weather : अगर 30 डिग्री से नीचे तापमान रहता है तो किसानों को घबराने की जरूरत नहीं

Weather

  • -35 डिग्री के पार होते ही गेहूं की फसल को खतरा
  • -बुधवार से से उत्तर-पश्चिमी हवाओं से बदलेगा मौसम

Weather : फतेहाबाद। पिछले कई दिनों से तापमान में बढ़ोतरी से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच आई थी। पिछले 15 दिनों से यहां का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है, जोकि गेहूं के लिए काफी नुकसानदायक है। फरवरी के पहले सप्ताह मौसम विभाग ने 5 पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने की भविष्यवाणी की थी लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के बेअसर होने से मौसम ठंडा होने की बजाय ओर गर्म हो गया। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के गेहूं एवं जौं अनुभाग ने किसानों को सलाह दी है कि दिन का तापमान 30 से 32 डिग्री और रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहता है तो किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। एचएयू ने किसानों को गेहूं की फसल में सिंचाई करने की सलाह दी है।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के गेहूं एवं जौं अनुभाग ने प्रदेश के कृषि उपनिदेशकों को कहा है कि दिन का तापमान 30 डिग्री व रात का तापमान 15 डिग्री से नीचे रहता है तो किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। रात व दिन का तापमान मिलाकर औसत 22 डिग्री सेल्सियस गेहूं की पैदावार के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।

यह भी जानें

औसत तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक को फसल सहन कर सकती है, परंतु दिन का तापमान 35 डिग्री से ऊपर होने पर गेहूं के बनने वाले दानों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। फतेहाबाद के कृषि उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने बताया कि बढ़े हुए उच्च तापमान से बचने के लिए किसानों को आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करनी चाहिए। जब तेज हवा चल रही हो तो किसान सिंचाई को तुरंत रोक दें, अन्यथा फसल गिरने से नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि जिन किसानों के पास फव्वारा सिंचाई की सुविधा है, वह दोपहर को तापमान वृद्धि के समय आधा घंटा फव्वारे से सिंचाई कर सकते हैं।

गेहूं में पोटाशियम क्लोराइड का छिडक़ाव करें

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के गेहूं एवं जौं अनुभाग ने किसानों को कहा है कि गेहूं में बालियां निकलते समय या अगेती गेहूं जिनकी बालियां निकली हुई हैं, तो भी 0.2 प्रतिशत पोटाशियम क्लोराइड यानि 400 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश (पोटाश खाद) 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिडक़ाव करने से तापमान में अचानक हुई वृद्धि से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। पछेती बीजी गई गेहूं में पोटाशियम क्लोराइड का छिडक़ाव 15 दिन के अंतराल में दो बार करें।

अब रात को धुंध छाने की संभावना

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 12 फरवरी के दौरान उत्तरी व उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं हल्की गति से चलने से रात्रि तापमान में फिर से गिरावट आने की संभावना है। इस दौरान राज्य के कुछ एक क्षेत्रों में अलसुबह व देर रात्रि धुंध छाने की संभावना है। इससे रात का तापमान कम रहेगा।

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