Somnath Festival
- सोमनाथ मंदिर पर हमला करने वाले कट्टरपंथियों का इतिहास हमसे छिपाया गया
- सोमनाथ पर आक्रमण लूट के लिए भारत और मंदिर को नष्ट करने के लिए हुए
- आजादी के बाद कुछ लोगों ने किताबों में इन आक्रमणों को साधारण लूट बताकर किताबों में लिखवाया
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के चौथे दिन शौर्य सभा में प्रधानमंत्री अलग ही तेवर में नजर आए। अपने 35 मिनट के भाषण ने मोदी ने खुलासा किया कि आजादी के बाद सोमनाथ मंदिर और भारत की अस्मिता पर हमला करने वाले मजहबी कट्टरपंथियों का इतिहास हमसे छिपाया गया। हमारी आस्था और मंदिर को नष्ट करने की नीयत से जो हमले मजहबी आक्रांताओं ने किए उसे साधारण सी लूट बताकर किताबों में पढ़ाया गया। अगर ये हमले आर्थिक लूट के कारण होते तो, एक हजार साल पहले महमूद गजनवी के आक्रमण के बाद हमले रुक जाते, लेकिन ये इसके बाद भी 12 बार हमले हुए। ये आक्रमण लूट के लिए नहीं बल्कि भारत और सोमनाथ मंदिर की आत्मा और वजूद को नष्ट करने के लिए थे। आजादी के बाद इतिहास को बदला गया। मोदी ने कहा कि उस दौर में जिन आक्रांताओं ने हमले किए और जिन लोगों ने इतिहास छिपाया वो लोग आज भी सक्रिय हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब हमले तलवार से नहीं, दूसरे तरीकों से किए जाते हैं। इसलिए हमें पिछले एक हजार साल से सबक लेकर आने वाले एक हजार साल तक सावधान रहना है, जागते रहना है।
पुनर्निर्माण का विरोध किया गया
नरेंद्र मोदी ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर जमकर हमला किया। मोदी ने कहा कि आजादी के बाद भी कुछ नेताओं ने गुलामी की मानसिकता बनी रही। पता नहीं वो कट्टरपंथियों के आगे क्यों झुके और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निमाण का बार बार विरोध करते रहे। लेकिन इस विरोध के बावजूद 1951 में सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निमाण का संकल्प लिया, इसमें भी रोड अटकाया गया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सोमनाथ आने से रोक गया।लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने संकल्प पूरा किया और आज सोमनाथ पर धर्मध्वजा लहरा रही है।
सोमनाथ की आस्था को कोई तोड़ नहीं पाया : सीएम पटेल
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि
सोमनाथ मंदिर भारत की आत्मा का प्रतीक है। बार बार कोशिश हुई लेकिन देश की आस्था को कोई नहीं तोड़ पाया। युग पुरुष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ के पार्टी समर्पित हैं। मोदी ने सोमनाथ मंदिर का आधुनिक पुनर्निर्माण करवाया। बड़ा प्रधान विकसित भारत आत्मनिर्भर भारत मोदी ने अपने जीवन का उद्देश्य बनाया।
सोमनाथ मंदिर पर डॉक्यूमेंट्री दिखाई
सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। इसमें सतयुग, द्वापर युग, त्रेता युग से लेकर अब तक की पूरी कहानी दिखाई गई। मंदिर पर 1026 में महमूद गजनवी के आक्रमण के दृश्य भी वीडियो में दिखाए गए। मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों को भी याद किया गया। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल का जिक्र कई बार हुआ। डॉक्यूमेंट्री में मंदिर की स्थापना से लेकर अब तक की पूरी कहानी दिखाई गई।


