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Haryana News : हड़ताल का समर्थन करने पर किसान यूनियन की नेता को करना पड़ा रोहतक पीजीआई के कर्मचारियों के गुस्से का सामना, गाड़ी घेरी, एक महिला कर्मी घायल

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  • कर्मचारी बोले : सुमन हुड्डा किसान यूनियन की तरफ से ऐसी प्रवृत्ति के लोगों का साथ देंगी तो इसमें यूनियन की भी बदनामी होगी
  • कर्मचारियों ने कहा कि किसान यूनियन न्याय के लिए बनाई गई है, अगर आप पंचायत के तौर पर आई हैं तो हम भी किसान के बेटे-बेटियां हैं, हमारी भी बात सुननी पड़ेगी
  • कर्मचारियों के गुस्से को देखते हुए सुमन हुड्डा ने गाड़ी से नीचे नहीं उतरी। इस दौरान पुलिस बल भी वहां पहुंच गया और मामला सुलझाने की कोशिश की
  • पीजीआई के बेयरर और अन्य कर्मचारी अपनी बात पर अड़े रहे और न्याय के लिए नारेबाजी करते रहे

Haryana News : रोहतक। किसान यूनियन की नेता सुमन हुड्डा को पीजीआई के कर्मचारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। मंगलवार को हड़ताली लोगों के साथ लघु सचिवालय में पहुंची सुमन हुड्डा की गाड़ी को पीजीआई के कर्मचारियों ने घेर लिया और जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि किसान यूनियन न्याय के लिए बनाई गई है, अगर आप पंचायत के तौर पर आई हैं तो हम भी किसान के बेटे-बेटियां हैं, हमारी भी बात सुननी पड़ेगी। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि हड़ताल पर बैठे लोग हमारे साथ मार पिटाई करते हैं और उन पर केस भी दर्ज हैं। उन लोगों ने चंदा इकट्ठा करने का धंधा बना रखा है और पंचायत के नाम पर किसान यूनियन को भी गुमराह कर रहे हैं। अगर सुमन हुड्डा किसान यूनियन की तरफ से ऐसी प्रवृत्ति के लोगों का साथ देंगी तो इसमें यूनियन की भी बदनामी होगी, इसलिए न्यायसंगत बात करते हुए हमारी व्यथा भी सुननी चाहिए। कर्मचारियों के गुस्से को देखते हुए सुमन हुड्डा ने गाड़ी से नीचे नहीं उतरी। इस दौरान पुलिस बल भी वहां पहुंच गया और मामला सुलझाने की कोशिश की। लेकिन पीजीआई के बेयरर और अन्य कर्मचारी अपनी बात पर अड़े रहे और न्याय के लिए नारेबाजी करते रहे। कर्मचारियों का आरोप है कि हड़ताल में कुछ शरारती तत्व भी बैठे हुए हैं जो माहौल खराब कर रहे हैं। हमारे कर्मचारी ड्यूटी पर आने से डर रहे हैं। पुलिस के समझाने और बीच बचाव के बाद किसान यूनियन की नेता सुमन हुड्डा को गाड़ी को वहां से जाने दिया। दरसअल मंगलवार को डीसी ने हड़ताली लोगों को बातचीत के लिए लघु सचिवालय में बुलाया था। मुलाकात के बाद जब सुमन हुड्डा अपनी गाड़ी में बैठी तो उन्हें दूसरे कर्मचारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा।

महिला कर्मचारी घायल

सुमन हुड्डा से बात करने के लिए नारेबाजी कर रहे पीजीआई के कर्मचारियों को हटाने के लिए पुलिस ने जोर आजमाइश भी की। इस दौरान पुलिस ने एक महिला कर्मचारी को वहां से हटाना चाहा तो धक्के से वह दूर जा गिरी, जिससे महिला कर्मचारी प्रीति का एक पैर टूट गया। फिलहाल कर्मचारी सिविल अस्पताल में भर्ती है।

जो आपकी गाड़ी में बैठा है, वो कर्मचारी नहीं, चंदा चोर है

पीजीआई के कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए सुमन हुड्डा को ये भी चेताया कि हड़ताल पर बैठे लोग आपको गुमराह कर रहे हैं। कर्मचारियों ने सुमन हुड्डा को यह भी बताया कि आपकी गाड़ी में जो व्यक्ति बैठा है, वह पीजीआई का कर्मचारी ही नहीं है और हड़ताल भी करवा रहा है। इन लोगों ने चंदा एकत्रित करने के लिए हड़ताल कर रखी है और दूसरे संगठनों को भी गुमराह करके समर्थन के लिए जबरदस्ती बुला रहे हैं।

 

पीजीआई ने एचकेआरएन में शामिल करने के लिए लिखकर दिया, फिर भी हड़ताल

लघु सचिवालय में सुमन हुड्डा से बात करने पहुंचे पीजीआई के कर्मचारियों ने बताया कि हेल्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने कर्मचारियों को एचकेआरएन में शामिल करने के लिए सरकार को लिखकर दे दिया है। अब सरकार फैसला लेगी कि पोर्टल कब खोलना है और कर्मचारियों को कब शामिल करना है। इसके बावजूद कुछ लोग भोले भाले कर्मचारियों को बहला फुसलाकर हड़ताल में बुला रहे हैं। हड़ताल में नहीं आने र धमकी और मारपीट की जाती है। कर्मचारियों ने बताया कि हड़ताल सिर्फ चंदा के रुपये एकट्ठा करने के लिए की जा रही है।

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