UK Youngest Indian Mayor
23 साल के युवा ने राजनीति और समाज सेवा में बनाई अलग पहचान
-दिवाली समारोह और हिंदी डे की शुरुआत कर भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दिया
-लेबर पार्टी को 30 साल बाद सिर्फ एक वोट से दिलवाई ऐतिहासिक विजय
-मां बनीं डिप्टी मेयर, बेटे ने संभाली मेयर की कुर्सी, परिवार ने रचा इतिहास
मनोज वर्मा . रोहतक। हरियाणा के रोहतक के बेटे 23 वर्षीय तुषार कुमार ने ब्रिटेन में इतिहास रचते हुए एल्स्ट्री एंड बोरहमवुड टाउन काउंसिल के मेयर का पद संभाल लिया है। UK Youngest Indian Mayor बने तुषार कुमार आज भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। British Indian Mayor के रूप में उनकी पहचान तेजी से पूरे ब्रिटेन में बढ़ रही है। खास बात यह है कि Tushar Kumar UK Mayor बनने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय मूल के नेताओं में शामिल हो गए हैं।
तुषार कुमार की इस उपलब्धि के बाद Rohtak News और Haryana Youth Success Story से जुड़ी खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। Indian Origin Mayor UK बनने के बाद तुषार कुमार का नाम ब्रिटेन की राजनीति में नई पीढ़ी के उभरते चेहरों में गिना जा रहा है। उनकी मां परवीन रानी भी हर्ट्समेरे बरो काउंसिल में पार्षद हैं और उन्हें डिप्टी मेयर चुना गया है। मां-बेटे की यह जोड़ी अब ब्रिटेन में भारतीय समुदाय के लिए प्रेरणा बन गई है।
ब्रिटिश बच्चों को फ्री में हिंदी पढ़ाते हैं तुषार कुमार
Elstree and Borehamwood Mayor बने तुषार कुमार हिंदी और भारतीय संस्कृति के प्रति बेहद समर्पित हैं। Hindi Teacher in UK के रूप में भी उनकी अलग पहचान बन चुकी है। तुषार का पूरा परिवार घर में हिंदी भाषा का ही उपयोग करता है। खास बात यह है कि British Children Learning Hindi अभियान के तहत तुषार ब्रिटिश बच्चों को फ्री में हिंदी सिखाते हैं।
यही नहीं, उन्होंने UK Hindi Day Celebration की शुरुआत भी प्रशासन के सहयोग से करवाई। भारतीय त्योहारों और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए तुषार ने अपने क्षेत्र में दिवाली समारोह आयोजित करवाने की भी शुरुआत की, जो अब हर साल बड़े स्तर पर मनाया जाता है।
16-17 साल की उम्र से समाज सेवा में सक्रिय
Young Mayor UK बने तुषार कुमार बचपन से ही समाज सेवा और चैरिटी कार्यों से जुड़े रहे हैं। 16-17 साल की उम्र में ही उन्होंने लोगों की सहायता करना शुरू कर दिया था। Indian Youth in UK Politics का मजबूत उदाहरण बने तुषार का कहना है कि युवाओं को कम उम्र में ही समाज के लिए काम करना शुरू कर देना चाहिए।
तुषार कुमार बताते हैं कि करीब 10 साल की उम्र में वह अपने माता-पिता के साथ रोहतक से ब्रिटेन आए थे। शुरुआत में उनके परिवार का राजनीति से कोई संबंध नहीं था, लेकिन बाद में उनकी मां ब्रिटेन की राजनीति में सक्रिय हो गईं। इसी दौरान तुषार भी समाज सेवा के कार्यों से जुड़ते चले गए।
लेबर पार्टी को 30 साल बाद दिलवाई जीत
2023 में किंग्स कॉलेज ऑफ लंदन में पढ़ाई के दौरान तुषार कुमार ने अपना पहला चुनाव लड़ा। Labour Party Indian Mayor के रूप में उन्होंने बड़ी उपलब्धि हासिल की। जो लेबर पार्टी पिछले 30 सालों से एल्स्ट्री एंड बोरहमवुड टाउन काउंसिल का चुनाव नहीं जीत पा रही थी, तुषार ने उसे जीत दिलवाई।
UK Politics Indian Youth की मिसाल बने तुषार कुमार ने चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी के उम्मीदवार को सिर्फ एक वोट से हराया। उन्हें कुल 832 वोट मिले और दो बार मतगणना के बाद विजेता घोषित किया गया। यह जीत अब Success Story of Tushar Kumar के रूप में युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
सेवा के लिए उम्र मायने नहीं रखती : तुषार कुमार
Rohtak Boy UK Mayor बने तुषार कुमार का कहना है कि समाज सेवा के लिए किसी खास उम्र का इंतजार नहीं करना चाहिए। उनका मानना है कि युवा अगर कम उम्र में ही समाज के लिए काम शुरू करें तो वे बड़ी जिम्मेदारियां संभाल सकते हैं।
तुषार कहते हैं, “सेवा के लिए 30 साल का होने का इंतजार मत कीजिए। किसी भी उम्र में समाज और लोगों के लिए काम किया जा सकता है।”
आज Tushar Kumar Mayor के रूप में सिर्फ ब्रिटेन ही नहीं बल्कि भारत, खासकर हरियाणा और रोहतक के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुके हैं।
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