हरियाणा में ओलावृष्टि
- दो-तीन दिन बाद फिर हो सकती है बारिश
- फसलों को भारी नुकसान, सकते में किसान
- फतेहाबाद में तेज आंधी से सड़कों पर गिरे पेड़
- गुरुग्राम, रेवाड़ी के कुछ भागों में ओलावृिष्ट का अलर्ट
- किसानों और आमजन को सतर्क रहने की सलाह
हरियाणा। प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओले गिरने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर गिरने और भीगने से दाना खराब होने का अंदेशा है। बारिश और हुई तो गेहूं का दना काला पड़ा जाएगा। मंगलवार दोपहर को मौसम ने करवट बदली। इसके कारण हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी, भिवानी और महेंद्रगढ़ समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे, सोनीपत, फतेहाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह में बारिश हुई। भिवानी के तोशाम में मुख्यमंत्री नायब सैनी की रैली के दौरान भी बारिश हुई, हालांकि अलर्ट को देखते हुए यहां वाटर प्रूफ पंडाल लगाया गया था। वहीं, मौसम विभाग का कहना है िह इस सप्ताह मौसम ऐसा ही बना रहेगा ऐसे में किसानों और आमजन को अलर्ट रहना होगा। फतेहाबाद में ही शिव चौक स्थित एक मकान की छत गिर गई। हालांकि, कोई इसकी चपेट में नहीं आया। कमरे में सिर्फ सामान रखा हुआ था।
फतेहाबाद में पेड़ गिरने से रास्ते जाम और बिजली आपूर्ति बाधित
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मंगलवार शाम जिले में मौसम अचानक बदल गया। शाम करीब 6 बजे तेज आंधी चली और कुछ ही देर बाद बरसात शुरू हो गई। आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर दर्जनों हरे पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे यातायात और बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई। बरसात और घने बादलों के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में समय से पहले ही अंधेरा छा गया। तेज हवा और बारिश के चलते बाजारों में भी अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। दुकानदारों को जल्दबाजी में सामान समेटना पड़ा, जबकि राहगीरों ने बारिश से बचने के लिए दुकानों और छतों के नीचे शरण ली।
हांसपुर रोड पर पेड़ गिरने से लगा जाम
आंधी-बरसात के दौरान फतेहाबाद-हांसपुर मार्ग पर दर्जनों हरे पेड़ गिर गए, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। वाहन चालकों को काफी देर तक रास्ता साफ होने का इंतजार करना पड़ा। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से रास्ता खुलवाने का प्रयास किया गया। कई गांवों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरे इसी तरह रतिया रोड, नागपुर, समैन, नन्हेड़ी और जाखल खंड के कई गांवों में भी तेज हवा से करीब 68 पेड़ और 36 बिजली के खंभे गिर गए। इसके कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्या कहता है मौसम विभाग
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले 48 घंटे प्रदेश में एक दो स्थानों छुटपुट बूंदाबांदी तथा ज्यादातर स्थानों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इसके अलावा 3 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय 3-5 अप्रैल होने से पुनः हरियाणा एनसीआर दिल्ली के कई भागों में आंधी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके पीछे-पीछे एक नया पश्चिमी विक्षोभ 7 अप्रैल को सक्रिय होने से फिर से मौसम में बदलाव की संभावना बन रही है। कुल मिलाकर अप्रैल माह के पहले पखवाड़े में लगातार मौसम में बदलाव और तापमान में उतार चढाव देखने को मिलेगा।
