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SGT University Conference रामानुजन के गणित को राष्ट्रीय शिक्षा नीति का हिस्सा बनाया जाना चाहिए

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Mar 7, 2026
SGT University Conference

SGT University Conference में उठी मांग, दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

गुरुग्राम। महान गणितज्ञ Srinivasa Ramanujan की विरासत और भविष्य की पीढ़ियों के लिए गणित की प्रेरणा विषय पर SGT University में आयोजित SGT University Conference का शनिवार को शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों और चिंतकों ने रामानुजन के असाधारण गणितीय योगदान को National Education Policy 2020 में शामिल किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के दम पर ही भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र और विश्व गुरु बन सकता है। इसके लिए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव जरूरी है और महान गणितज्ञों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए।


SGT University Conference

शिक्षा में बदलाव से ही देश बदलेगा

SGT University Conference के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि देश को बदलना है तो शिक्षा प्रणाली में व्यापक परिवर्तन करने होंगे। रामानुजन ने भारतीय गणित ज्ञान परंपरा का विश्व स्तर पर डंका बजाया, लेकिन दुर्भाग्य से अपनी ही मातृभूमि में उनकी प्रतिभा को पहचानने में काफी देर हुई।

यह सम्मेलन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) हेमंत वर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में Shiksha Sanskriti Utthan Nyas और Association of Indian Universities का सहयोग रहा। सम्मेलन का मार्गदर्शन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पद्मश्री व पद्मभूषण Ram Bahadur Rai ने किया।


कई विद्वानों ने रखे विचार

इस SGT University Conference को डॉ. अनिता शर्मा, प्रो. (डॉ.) पंकज मित्तल, डॉ. अशोक कुमार अग्रवाल, Dinesh Singh, प्रो. श्रीराम चौथाईवाले तथा डॉ. राकेश भाटिया सहित कई विद्वानों ने संबोधित किया।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की स्कूल शिक्षा की राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अनिता शर्मा ने रामानुजन के जीवन और उनके गणितीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके कार्यों पर और अधिक शोध की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि रामानुजन के ‘इन्क्लूजन’ आधारित गणितीय सूत्रों और प्रमेयों का प्रमाणीकरण आज पूरी दुनिया कर रही है।


‘लॉस्ट नोटबुक’ का भी हुआ उल्लेख

डॉ. शर्मा ने बताया कि रामानुजन की 138 पृष्ठों की प्रसिद्ध ‘लॉस्ट नोटबुक’ लगभग पांच दशकों तक अज्ञात रही। इस नोटबुक में हजारों नए गणितीय सूत्र दर्ज थे।

उन्होंने बताया कि गणितज्ञ George E. Andrews और Bruce C. Berndt ने इस नोटबुक को खोजकर दुनिया के सामने रामानुजन की अद्भुत प्रतिभा को प्रस्तुत किया।


मॉक थीटा फंक्शन पर चर्चा

Panjab University के डॉ. अशोक कुमार अग्रवाल ने रामानुजन की अंतिम खोज ‘मॉक थीटा फंक्शन’ पर विस्तार से जानकारी दी।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने बताया कि संगठन के प्रयासों से आज देश के एक हजार से अधिक स्थानों पर 22 दिसंबर को National Mathematics Day के रूप में मनाया जाता है।


ऑनलाइन दिया गया मुख्य भाषण

मुख्य भाषण ऑनलाइन माध्यम से University of Delhi के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) दिनेश सिंह ने दिया। उन्होंने संख्या सिद्धांत और अभाज्य संख्याओं के क्षेत्र में रामानुजन के योगदान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि छात्रों और शोधकर्ताओं में गहन अध्ययन और शोध की संस्कृति विकसित करना समय की मांग है।


मेधावी छात्रों को किया सम्मानित

SGT University Conference के दौरान गणित में असाधारण प्रतिभा दिखाने वाले दो मेधावी छात्रों देविका त्रिपाठी और कृशव अग्रवाल को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में वैदिक गणित पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में 40 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुतियों को स्वीकृति दी गई, जबकि 10 आमंत्रित व्याख्यान और एक उच्चस्तरीय पैनल चर्चा भी आयोजित की गई।

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