14 feb AQI NCR Report
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 14 फरवरी को वायु प्रदूषण का स्तर फिर चिंता का विषय बन गया। सायं चार बजे जारी 24 घंटे के औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अनुसार हरियाणा के कई शहर ‘खराब’ और ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज किए गए।
हरियाणा के इन शहरों में ‘खराब’ हवा
प्रदेश में सबसे अधिक चिंताजनक स्थिति निम्न शहरों में रही:
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गुरुग्राम – AQI 276 (खराब)
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बल्लभगढ़ – AQI 284 (खराब)
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बहादुरगढ़ – AQI 241 (खराब)
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धारूहेड़ा – AQI 209 (खराब)
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मानेसर – AQI 238 (खराब)
इन क्षेत्रों में PM2.5 और PM10 प्रमुख प्रदूषक तत्व रहे, जो श्वसन और हृदय रोगियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
‘मध्यम’ श्रेणी में ये शहर
निम्न शहरों में वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ स्तर पर दर्ज की गई:
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फरीदाबाद – AQI 181
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करनाल – AQI 176
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भिवानी – AQI 199
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रोहतक – AQI 136
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सोनीपत – AQI 136
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चरखी दादरी – AQI 119
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नूंह (मंडीखेड़ा) – AQI 160
विशेषज्ञों के अनुसार, इस श्रेणी में फेफड़ों और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
इन जिलों में राहत
कुछ स्थानों पर स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही:
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नारनौल – AQI 77 (संतोषजनक)
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पलवल – AQI 64 (संतोषजनक)
एनसीआर में क्षेत्रीय चुनौती
एनसीआर के अन्य हिस्सों—दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान—में भी कई शहरों में हवा का स्तर मध्यम से खराब श्रेणी में बना हुआ है। यह स्थिति क्षेत्रीय स्तर पर संयुक्त रणनीति और सख्त प्रदूषण नियंत्रण उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और सावधानियां
विशेषज्ञों का कहना है कि ‘खराब’ श्रेणी में लंबे समय तक रहने से सामान्य लोगों को भी श्वसन संबंधी परेशानी हो सकती है।
सुझाव:
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बाहरी गतिविधियां सीमित रखें
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सुबह-शाम खुले में व्यायाम से बचें
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बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए
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मास्क का उपयोग और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का प्रयोग लाभदायक हो सकता है
