Women Started Flying Drones
- दतिया मुख्यालय से 45 किमीदूर सेवादा की गीता कुशवाह हैं पोस्ट ग्रेजुएट
- परिवार का सहारा न हो तो महिलाओं के लिए घर से बाहर काम करना मुश्किल
दतिया मुख्यालय से 45 किमी दूर सेवादा की गीता कुशवाह कहती हैं कि वह परिवार की इकलौती बहू हैं। पति के पास 7 एकड़ कृषि भूमि है। चूंकि वह पोस्ट ग्रेजुएट हैं, इसलिए पति खुद चाहते थे कि वह स्वतंत्र होकर अपने मन का काम करें। पति के कहने पर वह रतनगढ़ वाली मां स्व सहायता समूह से जुड़ गईं। आज वह अपने समूह की सचिव हैं। पति कमलेश ने ही नमो ड्रोन दीदी योजना केबारे में गीता को बताया और जब गीता ने हामी भरी , तब वह उसे प्रशिक्षण दिलाने ग्वालियर ले गया।
यूरिया का छिड़काव किया
गीता मार्च से अब तक 1220 एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर यूरिया का छिड़काव कर कर चुकी हैं। इसके लिए उसे करीब तीन लाख रुपए मिले है। गीता की दो बेटियां हैं। वह अपनी बेटियों के लिए पैसा इकट्ठा कर रही हैं। गीता कहती हैं कि मेरी शादी ऐसे परिवार में हुई जिसने मेरा हर काम आसान कर दिया। मैं अकेली 10 गांव घूमती हूं। समाज का ताना तो आज भी है। लेकिन जीवन में आगे बढ़ने के लिए यह सब सहना पड़ता है।
