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Skill Development in Prisons सूरजकुंड मेले 18 जेलों से बंदियों द्वारा निर्मित 110 से अधिक उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र

Byadmin

Feb 4, 2026
Skill Development in Prisons

Skill Development in Prisons

  • 18 जेलों के बंदियों की भागीदारी: हरियाणा की 18 जेलों में बंद कैदियों द्वारा निर्मित 110 से अधिक उत्पाद अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में प्रदर्शित व बिक्री के लिए उपलब्ध।
  •  कौशल विकास से आत्मनिर्भरता: कारपेंट्री, सिलाई, कढ़ाई, फर्नीचर निर्माण, बेकरी व एलोवेरा उत्पादों का प्रशिक्षण देकर बंदियों को रोजगारोन्मुख बनाया जा रहा है।
  • किफायती दाम, बेहतर गुणवत्ता: ₹30 से ₹45,000 तक के उत्पाद, उच्च गुणवत्ता और टिकाऊपन के कारण दर्शकों को कर रहे आकर्षित।- सुधार से पुनर्निर्माण की ओर कदम: महानिदेशक कारागार आलोक मित्तल के नेतृत्व में हरियाणा कारागार विभाग की सुधारात्मक एवं पुनर्वास नीति को मिल रही सराहना।

फरीदाबाद। “जिन हाथों ने कभी अपराध किया, आज वही हाथ सृजन के औज़ार गढ़ रहे हैं”— यह भाव 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में हरियाणा कारागार विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल पर सजीव रूप में दिखाई दे रहा है। यह स्टॉल न केवल हस्तशिल्प और फर्नीचर उत्पादों की वजह से, बल्कि अपने पीछे छिपी सुधार, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी के कारण भी देश-विदेश से आए दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
हरियाणा सरकार अपराधियों को केवल दंड तक सीमित न रखकर, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से कारागारों में व्यापक सुधारात्मक और पुनर्वास कार्यक्रम चला रही है। इन्हीं प्रयासों के अंतर्गत, आलोक मित्तल, महानिदेशक कारागार, हरियाणा के कुशल नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन में प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के लिए कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावी रूप से लागू किए गए हैं।

Skill Development in Prisons

कौशल से स्वावलंबन की ओर

जेल प्रशासन द्वारा बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कारपेंट्री, पेंटिंग, बेकरी, कढ़ाई, सिलाई, एलोवेरा से निर्मित उत्पाद, फर्नीचर निर्माण एवं अन्य हस्तशिल्प कार्यों का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कैदी न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बन रहे हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का भी विकास हो रहा है। यही कारण है कि जेल की दीवारों के भीतर सीखे गए ये कौशल अब खुले मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

110 से अधिक उत्पाद, किफायती दामों पर

अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में हरियाणा की विभिन्न जेलों के बंदियों द्वारा तैयार किए गए लगभग 110 प्रकार के फर्नीचर एवं घरेलू उपयोग की वस्तुएँ प्रदर्शनी और बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। स्टॉल पर ₹30 से लेकर ₹45,000 तक की वस्तुएँ रखी गई हैं। इन उत्पादों को उनकी बेहतर गुणवत्ता, टिकाऊपन और किफायती मूल्य के कारण लोगों से खासा प्रतिसाद मिल रहा है। आगंतुक यह देखकर विशेष रूप से प्रभावित हैं कि जेल में प्राप्त प्रशिक्षण के माध्यम से कैदी ऐसे उत्पाद तैयार कर रहे हैं, जो खुले बाजार में भी पूरी मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

18 जेलों की सहभागिता

हरियाणा कारागार विभाग की ओर से इन उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री की जिम्मेदारी जिला कारागार फरीदाबाद को सौंपी गई है। प्रदेश की 18 जेलों से बंदियों द्वारा निर्मित उत्पाद इस अंतरराष्ट्रीय मेले में प्रदर्शित किए गए हैं, जो राज्य की सुधारात्मक कारागार नीति की व्यापकता और प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।

सुधार नहीं, पुनर्निर्माण की पहल

महानिदेशक कारागार आलोक मित्तल ने कहा कि यह पहल केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को यह संदेश देती है कि यदि सही अवसर, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले, तो हर व्यक्ति बदलाव की दिशा में आगे बढ़ सकता है। हरियाणा कारागार विभाग बंदियों को रोज़गारोन्मुखी कौशल, आत्मसम्मान और सामाजिक स्वीकार्यता प्रदान कर उन्हें सजा के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार कर रहा है।
इस प्रकार, सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में हरियाणा कारागार विभाग की यह पहल न केवल मेले की शोभा बढ़ा रही है, बल्कि मानवीय सुधार, पुनर्वास और विश्वास की एक सशक्त मिसाल भी समाज के सामने प्रस्तुत कर रही है।

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