SBI Employees Strike
सोनीपत। State Bank of India (एसबीआई) कर्मचारी संगठन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 25 और 26 मई को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल से पहले शुक्रवार को Sonipat स्थित क्षेत्रीय व्यावसायिक कार्यालय-1 में कर्मचारियों ने कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया।
यूनियन नेताओं ने बताया कि कर्मचारियों की 16 सूत्रीय मांगें लंबे समय से लंबित पड़ी हैं, लेकिन बैंक प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद शाखाओं में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति नहीं की जा रही, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द मांगें पूरी करने की मांग उठाई। यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्डों की भर्ती की मांग
- सभी शाखाओं में पर्याप्त स्टाफ नियुक्त करने की मांग
- आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग
- 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को इंटर सर्कल ट्रांसफर सुविधा देने की मांग
- एचआरएमएस समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग
- मेडिकल रिइम्बर्समेंट स्कीम में सुधार की मांग
- करियर प्रोग्रेशन स्कीम की समीक्षा की मांग
- क्रॉस सेलिंग के दबाव को बंद करने की मांग
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों पर क्रॉस सेलिंग के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। प्रदर्शन में जिले की विभिन्न शाखाओं से पहुंचे कर्मचारियों ने 25-26 मई की हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।
मुख्य बातें
- 25-26 मई को एसबीआई कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल
- सोनीपत में कर्मचारियों ने निकाला कैंडल मार्च
- 16 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
- स्टाफ भर्ती और आउटसोर्सिंग रोकने की मांग
- एचआरएमएस और मेडिकल स्कीम में सुधार की मांग
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