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National Scholarship Portal

  • नेशनल स्कोलरशिप पोर्टल के माध्यम से मिलेगी छात्रवृत्ति
  • लाभार्थी को आनलाइन करवाना होगा पंजीकरण
  • उपायुक्त को नोडल अधिकारी बनाया गया

कैथल। छात्रवृत्ति के नाम पर अब कोई फर्जीवाडा नहीं हो सकेगा। हाल ही में सरकार द्वारा छात्रवृत्ति के लिए नेशनल स्कोलरशिप पोर्टल लांच किया है। इसके लिए संबंधित जिला के उपायुक्त को नोडल अधिकारी बनाया गया है। विशेष बात यह है कि नेशनल स्कोलरशिप पोर्टल पर वन टाइम पंजीकरण(ओटीआर) करवाना होता है। इसके माध्यम से ही विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लिए आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के समय लाइव आधार एंथीटीफिकेशन होगा। पोर्टल पर विद्यार्थी की आनलाइन फोटो क्लिक होगी तथा आधार कार्ड के साथ लिंक फोन नंबर पर ओटीपी के माध्यम से भी वैरीफिकेशन होगी।

आनलाइन फार्म भरना होगा

यही नहीं इसके बाद विद्यार्थी द्वारा आनलाइन फार्म भरते हुए इसके साथ ही अपने स्कूल, कालेज, आईटीआई से संबंधित दस्तावेज, दाखिला फीस, टयूशन फीस का ब्योरा व रसीद भी अपलोड करनी होगी। बता दें कि 10वीं के बाद आईटीआई या अन्य कोर्स करने वाले अनुसूचित जाति तथा पिछडा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए सरकार द्वारा पोस्ट मीटि्रक स्कोलरशिप दी जाती है। इसमें अनुसूचित जाति के विद्यार्थी को 3170 तथा पिछडा वर्ग के विद्यार्थी को 5000 रुपये वार्षिक दो वर्ष तक यह भत्ता दिया जाता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार एनएसपी पोर्टल पर अब तक जिले से करीब 5 हजार आवेदन हो चुके हैं।

80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य

एनएसपी पोर्टल के नियम व शर्तों के अनुसार भत्ता हासिल करने के लिए विद्यार्थी को अपनी कक्षा या कोर्स में न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई हैं। बता दें कि पीएमएस के अलावा सरकार द्वारा बीए, एमए, बी टेक, एम टेक व अन्य कोर्स के हिसाब से 3170 से लेकर 80 हजार रुपये तक का भत्ता दिया जाता है।

2.50 लाख आय निर्धारित

पीएमसी स्कीम का लाभ लेने वाले विद्यार्थी की पारिवारिक आय 2.50 लाख वार्षिक निर्धारित की गई है। यदि किसी परिवार की आय इससे अधिक है तो विद्यार्थी का आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।

तीन बार होगी वैरीफिकेशन

एनएसपी पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थी द्वारा आनलाइन आवेदन करने के बाद उसे अलग अलग तीन वैरीफिकेशन के चरणों से गुजरना होगा। पहली वैरीफिकेशन संबंधित संस्थान का मुखिया करेगा। इसके बाद जिला स्तर का नोडल अधिकारी या उपायुक्त तथा तीसरी वैरीफिकेशन राज्य स्तर का नोडल अधिकारी करेगा। इसके बाद ही विद्यार्थी को यह लाभ मिल सकेगा।

डीबीटी के माध्यम से होगी अदायगी

एनएसपी के माध्यम से आवेदन वैरीफिकेशन के सभी तीन चरणों से गुजरने के बाद लाभार्थी को उसका स्टाइफंड डीबीटी –डायरेक्ट बेनीफिशियरी ट्रांसफर अर्थात उसके आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते के माध्यम से दिया जाएगा।

कैथल में सामने आ चुका है लाखों का फर्जीवाडा

बता दें कि विद्यार्थियों को मिलने वाले स्टाइफंड के नाम पर कैथल में एक कालेज के कर्मचारी द्वारा बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर लाखों का स्टाइफंड की धोखधडी का मामला सामने आ चुका है। इसी प्रकार कई मामले प्रदेश के अन्य जिलों से भी सामने आए थे लेकिन अब एनएसपी पोर्टल के माध्यम से इस प्रकार की धोखाधडी पर रोक लगेगी।

एनएसपी पोर्टल लांच

आईटीआई के जिला नोडल अधिकारी एवं प्रधानाचार्य सतीश मच्छाल ने बताया कि सरकार व विभाग द्वारा इस बार नया एनएसपी पोर्टल लांच किया गया है। इसके माध्यम से ही विद्यार्थियों को स्टाइफंड का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए कार्यवाही जोर शोर से जारी है। यह विभाग की अच्छी पहल है।

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