Meham Cooperative Sugar Mill Limited में वर्ष 2013 में हुआ एक बड़ा हादसा अब फायदे की कहानी बन गया है। फरवरी 2013 में महम चीनी मिल में शीरे (Molasses) का एक बड़ा टैंक फट गया था, जिससे हजारों क्विंटल शीरा मिल परिसर में फैल गया था। उस समय एक गड्ढा खोदकर यह खराब शीरा उसमें डाल दिया गया, जो 13 साल तक खुले गड्ढे में पड़ा रहा।
लेकिन फरवरी 2025 में जब HCS अधिकारी Mukund Tanwar ने महम चीनी मिल के Managing Director (MD) का कार्यभार संभाला, तो इस बेकार पड़े शीरे को भी कमाई का जरिया बना दिया गया।
महम चीनी मिल का 13 साल पुराना शीरा ₹80 लाख में बिका
MD मुकुंद तंवर ने मिल के घाटे को कम करने के लिए smart management और digital platforms का सहारा लिया। उन्होंने देखा कि गड्ढे में बड़ी मात्रा में शीरा पड़ा है। शीरे की scientific testing करवाई गई, जिसमें यह साफ हुआ कि यह शीरा इंसानों या पशुओं के उपयोग योग्य नहीं है।
इसके बाद food industries की बजाय ऐसे industrial units से संपर्क किया गया, जहां इस शीरे का उपयोग संभव था।
जांच में गड्ढे से करीब 5500 क्विंटल शीरा निकला, जिसे ₹80 लाख में बेचा गया।
मुकुंद तंवर के नेतृत्व में मिल ने 4 महीने बिना कर्ज के चलाया संचालन
इस smart decision का नतीजा यह रहा कि महम चीनी मिल ने चार महीने तक बिना किसी कर्ज के अपना खर्च चलाया।
मिल के 35 साल के इतिहास में यह दूसरा मौका था जब बिना लोन के मिल का संचालन किया गया।
महम चीनी मिल में एक साल में हुए बड़े सुधार और किसानों की संख्या में बढ़ोतरी
पिछले एक साल में महम चीनी मिल में कई बड़े सुधार हुए हैं:
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Scrap Sale: ₹43.24 लाख का स्क्रैप बेचा गया
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Manpower Optimization: कम manpower में ज्यादा output
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Cost Reduction: खर्च घटा, मुनाफा बढ़ा
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Online Platforms: Gur & Molasses बिक्री के लिए Agri Market और NEML का उपयोग
गन्ने की खेती का क्षेत्र और किसानों की संख्या बढ़ी
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2024–25: 12,155 एकड़
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2025–26: 13,003 एकड़
गन्ना किसानों की संख्या:
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पहले: 1009
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अब: 1201
यह बदलाव किसानों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
मिल प्रबंधन की सफलता पर सहकारिता मंत्री ने किया प्रशंसा
इन सुधारों के चलते जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में सहकारिता मंत्री Dr. Arvind Sharma ने महम चीनी मिल प्रबंधन को प्रशंसा पत्र प्रदान किया।
यह प्रशंसा पत्र मिल के Chief Accountant Anand Bamal ने प्राप्त किया।
MD मुकुंद तंवर ने इस उपलब्धि का श्रेय मिल के सभी कर्मचारियों को दिया और कहा कि यह सफलता teamwork और dedication का परिणाम है।
MD मुकुंद तंवर ने बताया: ₹8 करोड़ की बचत और किसानों को समय पर भुगतान
MD मुकुंद तंवर ने बताया कि:
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पिछले पेराई सत्र की तुलना में ₹8 करोड़ की बचत
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किसानों को समय पर भुगतान
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10 जनवरी तक ₹17.07 करोड़ का भुगतान किया जा चुका
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Molasses selling में मिल पहले 8वें स्थान से टॉप रैंकिंग में पहुंची
मिल की 15 एकड़ कृषि भूमि:
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पहले: ₹17,773 प्रति एकड़
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अब: ₹35,000 प्रति एकड़ प्रतिवर्ष
महम चीनी मिल में सफाई और संसाधन उपयोग में सुधार
Sugar Mill Superintendent Virender Rohilla ने बताया कि MD मुकुंद तंवर के कार्यभार संभालते ही मिल में बदलाव शुरू हो गए थे।
बेकार पड़े scrap की बिक्री से न केवल revenue बढ़ा, बल्कि mill premises की cleanliness में भी बड़ा सुधार हुआ।
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