प्रकाशोत्सव और धुलेंडी मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
हरियाणा के रोहतक जिले के बेरी उपमंडल स्थित Jatela Dham Prakashotsav में आयोजित वार्षिक प्रकाशोत्सव और धुलेंडी मेले में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने धाम में माथा टेककर संत समागम में भाग लिया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर दिनोद आश्रम के कुंवर महाराज सहित कई संत-महात्माओं ने धाम पहुंचकर साध-संगत को आशीर्वाद दिया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
फाग का खेल हमारी संस्कृति की प्राचीन परंपरा
धाम के पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज ने साध-संगत को संबोधित करते हुए कहा कि फाग का खेल प्राचीन काल से ही हमारे लोक जीवन और संस्कृति में रचा-बसा है।
उन्होंने बताया कि स्वामी नितानंद महाराज ने अपने गुरु गुमानी दास जी के आदेश से जटेला धाम में अध्यात्म की होली खेली थी। उनके तप और भक्ति से रचित साहित्य आज भी समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जटेला धाम आदिकाल से ही अध्यात्म और साधना का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
Jatela Dham Prakashotsav बनेगा आयुर्वेद चिकित्सा का अंतरराष्ट्रीय हब
महंत राजेंद्र दास महाराज ने बताया कि साध-संगत के सहयोग से जटेला धाम को आयुर्वेद चिकित्सा के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।
यहां प्रस्तावित आयुर्वेद चिकित्सालय न केवल उपचार का केंद्र होगा, बल्कि शोध और शिक्षा का भी विश्वस्तरीय संस्थान बनेगा। भविष्य में देश-विदेश से लोग यहां स्वास्थ्य लाभ के लिए आएंगे।
संतों ने दिया सेवा और समरसता का संदेश
दिनोद वाले कुंवर सिंह महाराज ने कहा कि जटेला धाम सामाजिक समरसता और आरोग्य का सबसे बड़ा उपासना स्थल बनता जा रहा है।
वहीं रामानंद जी महाराज ने इसे भविष्य में अध्यात्म की राजधानी और आयुर्वेद चिकित्सा का प्रमुख केंद्र बताया।
वृंदावन से आई साध्वी राधागिरी महाराज ने मातृशक्ति से सेवा और परोपकार के कार्यों में आगे आने का आह्वान किया।
आयुर्वेद चिकित्सालय निर्माण के लिए मिला करोड़ों का सहयोग
कार्यक्रम में आयुर्वेद चिकित्सालय निर्माण के लिए कई दानवीरों ने उदार सहयोग दिया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मिलकर करोड़ों रुपये के सहयोग का संकल्प लिया।
प्रमुख दानदाता
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प्रवीण गुप्ता – 15 लाख रुपये
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जगदीश पुत्र आँखेराम (माजरा) – 11 लाख रुपये
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देवी सिंह गुर्जर – 11 लाख रुपये
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मनजीत ठेकेदार – 11 लाख रुपये
इसके अलावा भी अनेक श्रद्धालुओं ने लाखों रुपये का योगदान देने की घोषणा की।
सिंधु दर्शन यात्रा रही विशेष आकर्षण
प्रकाशोत्सव में सिंधु दर्शन यात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यह यात्रा आगे लेह-लद्दाख में आयोजित होने वाले सिंधु कुंभ मेले के साथ संपन्न होगी, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
दीप प्रज्वलन और मंगल आरती के साथ कार्यक्रम संपन्न
कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर यशवीर सिंह और प्रोफेसर अजय कादयान ने किया। दीप प्रज्वलन और मंगल आरती के साथ संत समागम समारोह का समापन हुआ।
संतों ने अपने प्रवचनों में समाज में सेवा, समरसता और स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि रोगियों की सेवा सबसे बड़ा धर्म है और चिकित्सा संस्थान में किया गया दान मानवता की सच्ची सेवा है।
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