Haryana Retirement Age Change
- रिटायरमेंट आयु में बदलाव: हरियाणा में 70% या उससे अधिक विकलांगता वाले दिव्यांग और दृष्टिबाधित कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से घटाकर 58 वर्ष की गई।
- नए नियम लागू: हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) संशोधन नियम, 2026 के तहत नई रोजगार व्यवस्था लागू, वित्त विभाग से मंजूरी।
- कुछ श्रेणियों को राहत: ग्रुप-डी कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को रिटायरमेंट आयु में बदलाव से बाहर रखा गया।
- मिश्रित प्रतिक्रिया: फैसले को लेकर कर्मचारी संगठनों में असंतोष, सरकार का दावा—प्रशासनिक एकरूपता के लिए निर्णय।
हरियाणा सरकार ने दिव्यांग और दृष्टिबाधित कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को लेकर बड़ा बदलाव किया है। सरकार के नए निर्णय के तहत अब ऐसे कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 60 वर्ष के बजाय 58 वर्ष निर्धारित की गई है। इस संबंध में राज्य सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) संशोधन नियम, 2026 के तहत नई रोजगार व्यवस्था लागू कर दी है, जिसे वित्त विभाग की मंजूरी भी मिल चुकी है।
नए नियमों के अनुसार, कम से कम 70 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांगता वाले दिव्यांग कर्मचारी और दृष्टिहीन कर्मचारी अब 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होंगे। सरकार का कहना है कि यह निर्णय प्रशासनिक व्यवस्था को एकरूप बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
इन्हें मिली कुछ राहत
हालांकि, इस बदलाव में ग्रुप-डी के कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को राहत दी गई है। इन श्रेणियों के कर्मचारियों पर सेवानिवृत्ति आयु में कोई बदलाव लागू नहीं होगा और वे पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार ही सेवाएं देते रहेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत सेवा नियमों में स्पष्टता आएगी और विभिन्न विभागों में सेवानिवृत्ति से जुड़े प्रावधानों में समानता स्थापित होगी। वहीं, निर्णय को लेकर कर्मचारी संगठनों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ संगठनों ने इसे दिव्यांग कर्मचारियों के हितों के विपरीत बताया है, जबकि सरकार का कहना है कि सभी पहलुओं पर विचार कर यह फैसला लिया गया है।
