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Haryana Education News प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र से पहली में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 6 वर्ष अनिवार्य

Byadmin

Jan 18, 2026

Haryana Education News

  • नई शिक्षा नीति और हाईकोर्ट के निर्देशों पर सरकार सख्त
  • पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लिया
  • हाईकोर्ट की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन

चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 6 वर्ष अनिवार्य कर दी है। यह फैसला नई शिक्षा नीति 2020 और हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत लिया गया है, जिससे अब 5.5 साल के बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला नहीं दिया जाएगा। सरकार ने स्कूली शिक्षा से जुड़ा अहम फैसला लिया है। इसका सीधा असर पहली कक्षा में दाखिला लेने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों पर पड़ेगा। शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के नियमों के अनुरूप बनाने के लिए सरकार ने कक्षा 1 में एडमिशन की उम्र को लेकर नए आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

अब 5.5 साल के बच्चों पहली में प्रवेश नहीं

शिक्षा विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, जो बच्चे 6 साल की उम्र पूरी नहीं करते हैं, उनको पहली कक्षा में एडमिशन नहीं दिया जाएगा। इसका अर्थ साफ है कि अब तक जिस उम्र में कई बच्चों को स्कूल में एडमिशन मिल जाता था, वह सुविधा खत्म कर दी गई है। पहले हरियाणा शिक्षा नियमावली 2011 के तहत 5 साल 6 माह की उम्र में भी बच्चों को पहली कक्षा में एडमिशन मिल जाता था।

क्या कहते हैं शिक्षा विशेषज्ञ

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि 6 साल की उम्र में बच्चा मानसिक और शारीरिक रूप से पढ़ाई के दबाव को बेहतर तरीके से संभाल पाता है। इसके साथ एनईपी 2020 का 5+3+3+4 शिक्षा मॉडल भी यही कहता है कि पहले तीन साल प्री-स्कूल और उसके बाद कक्षा 1 और 2 होनी चाहिए।

हाईकोर्ट का यह था फैसला

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने ‘दिविशा यादव बनाम हरियाणा राज्य’ मामले में यह साफ किया था कि राज्य के शिक्षा नियम केंद्र सरकार के कानूनों के अनुरूप होने चाहिए. कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार ने उम्र सीमा को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है, ताकि भविष्य में एडमिशन को लेकर कोई विवाद नहीं हो।
इस फैसले का असर उन माता-पिता पर पड़ेगा जो अपने बच्चों को जल्दी स्कूल भेजना चाहते थे. सरकार ने साफ किया है कि जिन बच्चों की उम्र पूरी नहीं होती, उन्हें बालवाटिका या प्री-स्कूल में ही पढ़ना होगा. एक ही उम्र के बच्चों के साथ पढ़ाई करने से बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक दबाव भी कम होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि 2026-27 से किसी तरह की उम्र में छूट नहीं दी जाएगी।
स्कूलों और शिक्षा विभाग को सख्त निर्देश हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और प्राइवेट स्कूलों को इस नियम का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को कहा गया है कि वे एडमिशन नोटिस और सूचना बोर्ड पर नई उम्र सीमा को साफ-साफ लिखें, ताकि अभिभावकों को समय रहते सही जानकारी मिल सके।

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