Gangster Aman Bhainswal
- -भारत वापस लाने में ऐतिहासिक सफलता मिली
- -अमेरिका से किया गया दूसरा बड़ा ऑपरेशन
- -संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (ने एक बार फिर संगठित अपराध के विरुद्ध अपनी निर्णायक क्षमता और वैश्विक स्तर पर ऑपरेशनल समन्वय का प्रदर्शन करते हुए वांछित गैंगस्टर अमन कुमार उर्फ अमन भैंसवाल को संयुक्त राज्य अमेरिका से निर्वासित कर भारत वापस लाने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि हरियाणा पुलिस की अंतरराष्ट्रीय पहुंच, सतत निगरानी और रणनीतिक क्षमता की सशक्त मिसाल है। यह वर्ष 2025 से अब तक STF द्वारा किया गया छठा सफल निर्वासन तथा अमेरिका से किया गया दूसरा बड़ा ऑपरेशन है, जिसने हरियाणा पुलिस की अपराध–रोधी नीति को नई ताकत प्रदान की है।
डीजीपी अजय सिंघल की कड़ी चेतावनी
डीजीपी अजय सिंघल ने इस ऑपरेशन की सफलता पर अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि हरियाणा में अपराध के लिए अब कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। उन्होंने कहा, “जो अपराधी यह सोचते हैं कि सीमाओं के बाहर जाकर या फर्जी पहचान बनाकर कानून से बच जाएंगे, वे यह समझ लें कि हरियाणा पुलिस की पकड़ से कोई नहीं बच सकता। हर भगोड़ा, चाहे देश में हो या विदेश में, कानून के दायरे में लाया जाएगा। यह प्रदेश अपराधियों के लिए नहीं—कानून और व्यवस्था के लिए है। उनका यह संदेश संगठित अपराध के खिलाफ भविष्य में और भी सख्त कार्रवाई का संकेत देता है।
लंबे समय से सक्रिय अपराधी का नेटवर्क ध्वस्त
अमन भैंसवाल हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से फायरिंग, हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और शस्त्र अधिनियम के मामलों में सक्रिय रहा है। वह स्वयं का गिरोह संचालित करता था और उसके नेटवर्क का प्रभाव सोनीपत, रोहतक, झज्जर से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ था। उसके विरुद्ध हरियाणा और दिल्ली में कुल 10 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। घोषित अपराधी होने के बावजूद वह फर्जी पहचान के सहारे विदेश भागकर कानून से बचने की कोशिश करता रहा, लेकिन STF के निरंतर पीछा करने की नीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की गई समन्वित कार्रवाई के चलते उसकी यह चाल विफल हुई।
\फर्जी पासपोर्ट और विदेश भागने की साजिश का खुलासा
जांच में स्पष्ट हुआ कि उसने पूर्वी दिल्ली पते के आधार पर एक फर्जी पहचान बनाकर अवैध रूप से पासपोर्ट प्राप्त किया और 20 जून 2024 को इसी पासपोर्ट के माध्यम से कुवैत भाग गया, बाद में अमेरिका पहुंचा। इस धोखाधड़ी के संबंध में भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट अधिनियम के तहत गोहाना में मामला दर्ज किया गया। उसके विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर जारी हुआ, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस प्राप्त किया गया और उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया। यह सभी प्रक्रियाएं STF की कड़ी निगरानी, कानूनी सटीकता और समन्वित प्रयासों का परिणाम थीं।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय सहयोग
अमन भैंसवाल का अमेरिका से निर्वासन STF हरियाणा की उस व्यापक और आधुनिक रणनीति को दर्शाता है, जिसके तहत विदेशों में पनाह ले रहे भगोड़ों की लोकेशन, गतिविधियों और नेटवर्क का अध्ययन कर उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। यह सफलता भारतीय एजेंसियों, इंटरपोल, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस के बीच स्थापित भरोसे, तकनीकी क्षमता और तीव्र सूचना-साझाकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
भविष्य की रणनीति
अमन भैंसवाल का निर्वासन STF हरियाणा की उस दृढ़ इच्छा शक्ति और प्रतिबद्धता का प्रमाण है जिसमें अपराधी चाहे कहीं भी हों—न छुप सकते हैं, न कानून के शिकंजे से बच सकते हैं। यह उपलब्धि संगठित अपराध और भगोड़ों के खिलाफ चलाए जा रहे STF के आक्रामक व लक्षित अभियान की बड़ी सफलता है। श्री सिंघल ने विश्वास दिलाया कि STF हरियाणा भविष्य में भी इसी दृढ़ता के साथ अपराधी नेटवर्क को ध्वस्त करने और जन-शांति तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाती रहेगी।
