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BSc Life Science Course After 12th in Rohtak: करियर, कॉलेज और जॉब के नए अवसर

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May 9, 2026
BSc Life Science Course After 12th in Rohtak

BSc Life Science Course After 12th in Rohtak

  • नेकीराम और महिला कॉलेज बने लाइफ साइंस के हब बने
  • रोहतक के कॉलेजों में लाइफ साइंस की सीटों पर बढ़ी प्रतिस्पर्धा
  • पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़कर अब प्रैक्टिकल, रिसर्च और इनोवेशन पर जोर
  • लैब में सीखी स्किल्स का इंडस्ट्री में सीधा उपयोग
  • डिग्री के साथ कौशल विकास पर फोकस, रोजगार के अवसर बढ़े

 

रोहतक। बारहवीं की परीक्षा के बाद करियर को लेकर असमंजस में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए बीएससी लाइफ साइंस एक मजबूत और संभावनाओं से भरा विकल्प बनकर उभरा है। बदलते दौर में विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह रोजगार, शोध और उद्यमिता से सीधे जुड़ चुका है। रोहतक जिले के सरकारी और निजी कॉलेजों में इस कोर्स की बढ़ती मांग इसका प्रमाण है। पहले बीएससी मेडिकल के नाम से पहचाना जाने वाला यह पाठ्यक्रम अब आधुनिक विषयों जैसे बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और जेनेटिक्स के साथ और अधिक व्यापक हो गया है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि लाइफ साइंस आने वाले समय में स्वास्थ्य, पर्यावरण और उद्योग से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार और नवाचार के नए द्वार खोलेगा।

दो कॉलेजों में 240-240 सीटें

वर्तमान में रोहतक के नौ सरकारी और निजी कॉलेजों में इस पाठ्यक्रम की सुविधा उपलब्ध है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय कॉलेज और राजकीय महिला महाविद्यालय इस पाठ्यक्रम के मामले में सबसे आगे हैं। इन दोनों ही प्रमुख संस्थानों में 240-240 सीटें उपलब्ध हैं।

अस्पतालों में बड़ी मांग

राजकीय महिला महाविद्यालय में बॉटनी विभागाध्यक्ष प्रो. वीना सचदेवा का मानना है कि इस कोर्स की बढ़ती लोकप्रियता का मुख्य कारण इसमें मिलने वाले विविध अवसर हैं। जिस कोर्स को पहले पारंपरिक रूप से बीएससी मेडिकल के नाम से जाना जाता था, अब उसे आधुनिक और व्यापक दृष्टिकोण के साथ ‘बीएससी लाइफ साइंस’ के रूप में पहचान मिली है। इसमें छात्रों को जीव विज्ञान की विभिन्न शाखाओं का गहन ज्ञान दिया जाता है। इसमें बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री, जेनेटिक्स और पर्यावरण विज्ञान जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं। अस्पतालों, डायग्नोस्टिक केंद्रों और पर्यावरण संरक्षण संस्थाओं में इन स्नातकों की निरंतर मांग बनी रहती है।

रोजगार के व्यापक अवसर

बीएससी लाइफ साइंस की डिग्री न केवल शैक्षणिक, बल्कि व्यावसायिक क्षेत्रों में भी सफलता के द्वार खोलती है। इससे छात्रों को फार्मास्युटिकल कंपनियां, फूड प्रोसेसिंग और बायोटेक्नोलॉजी फर्मों में रिसर्च और क्वालिटी कंट्रोल के पदों पर बेहतर पैकेज मिलता है। वहीं, विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से सरकारी नौकरियों में जा सकते हैं या बीएड/एमएससी के बाद शिक्षण क्षेत्र में भविष्य बना सकते हैं।

स्टार्टअप और नवाचार

नई शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) के तहत कौशल विकास और इंटर्नशिप पर दिए गए बल ने विद्यार्थियों को जॉब सीकर के बजाय जॉब क्रिएटर बनने के लिए प्रेरित किया है। स्टार्टअप इंडिया और बीआईआरएसी जैसी सरकारी पहलों के सहयोग से अब विद्यार्थी ऑर्गेनिक उत्पादों, बायोफर्टिलाइज़र और न्यूट्रास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में अपने स्टार्टअप भी शुरू कर रहे हैं। बदलते परिदृश्य में यह क्षेत्र नवाचार और आर्थिक उन्नति का एक शक्तिशाली माध्यम बनकर उभरा है।

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