• Sat. Nov 29th, 2025

Haryana News : राई में झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची, अस्पताल में भर्ती

Haryana News

  • पैदा होते ही बच्ची को झाड़ियों में फेंका, राहगीर को रोने की आवाज सुनाई दी तो पुलिस को दी सूचना
  • डायल-112 की टीम ने बच्ची को नागरिक अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में करवाया भर्ती
  • बच्ची को एसएनसीयू में किया गया भर्ती, बच्ची का वजन करीब दो किलो
  • बच्ची को गोद लेने के लिए कई परिवार अस्पताल पहुंचे, चिकित्सक तक कतार में शामिल

सोनीपत। राई औद्योगिक क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। रूढ़े बाबा की मढ़ी के पास झाड़ियों में एक नवजात बच्ची बेसहारा हालत में पाई गई। मासूम की रोने की आवाज सुनकर राहगीरों का दिल पसीज गया और उन्होंने तुरंत डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालकर नागरिक अस्पताल सोनीपत पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने बच्ची की तुरंत जांच की और उसे विशेष नवजात शिशु इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कर लिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर है और उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे उसकी जान बच गई। वहीं अस्पताल में बच्ची को गोद लेने वाले पहुंचने लगे। अस्पताल के एक चिकित्सक ने भी बच्ची को गोद लेने की हामी भरी है।

बच्ची के रोने की आवाज सुनी

मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के निवासी भारत, जो वर्तमान में गांव राई में रहता है, ने सबसे पहले झाड़ियों में बच्ची के रोने की आवाज सुनी और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इलाके की जांच की और आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन नवजात के माता-पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। थाना राई पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है ताकि बच्ची को झाड़ियों में छोड़ने वाले आरोपित की पहचान हो सके। स्थानीय लोगों ने इस अमानवीय घटना पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कोई मां-बाप अपनी ही संतान को इस तरह बेसहारा कैसे छोड़ सकता है।

अस्पताल में बच्ची को गोद लेने पहुंचे लोग

झाड़ियों में बच्ची के मिलने की सूचना आसपास के क्षेत्र में फैल गई। जिसके बाद अस्पताल में कई परिवार बच्ची की जानकारी लेते हुए पाए गए। वहीं बच्ची को गोद लेने की बात कहने लगे। अस्पताल कर्मचारियों ने इस संबंध में उन्हें साफ मना कर दिया कि ऐसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है कि वह अस्पताल से सीधे तौर से बच्ची को गोद ले सकते है। जो नियम है उनके अनुसार ही बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया करें। बच्ची को गोद लेने के लिए अस्पताल में तैनात फिजिशियन चिकित्सक ने भी अपनी सहमति जताई है।

बच्ची की हालत ठीक

बच्ची को सुबह आपतकालीन कक्ष में लाया गया था। जिसके बाद उसे नवजात शिशु इकाई में भर्ती किया गया है। बच्ची की हालत ठीक है। बच्ची का वजन भी करीब दो किलो के आसपास है। बच्ची को आधुनिक तकनीकि के जरिए दूध पिलाया जा रहा है। करीब एक दिन की बच्ची है। कपड़े सुखाने की चिटी को ऑरनाल पर लगा रखा है। एक-दो दिन में बच्ची पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जायेगी।
-डा. रितू मलिक, बाल रोग विशेषज्ञ।

हम जांच कर रहे

नवजात बच्ची के झाड़ियों में पड़े होने की सूचना मिली थी। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत ठीक है। उसे फेंकने के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। नवजात को फेंकने वालों का पता लगाया जा रहा है।

-पवन कुमार, प्रभारी राई थाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *