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Encounter  : यूपी के शामिली में सोनीपत के युवक का एनकाउंटर, अपने भाई की हत्या करने का आरोपित था मंजीत

Encounter

  •  अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा, पैरोल पर आने के बाद हो गया था फरार्र
  • उत्तर प्रदेश के मुस्तफा कग्गा गैंग के संपर्क में था आया
  • आरोपित ने अपनी मां के बीमे की राशि के विवाद में भाई को उतारा था मौत के घाट
  • अतिरिक्ति जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल सपरा की अदालत ने उसे सुनाई थी उम्रकैद की सजा

Encounter : सोनीपत। हरियाणा के दो बदमाशों की मुठभेड़ यूपी एसटीएफ के साथ हो गई। जिसमें सदर थाना क्षेत्र के गांव रोहट निवासी मंजीत की मौत हो गई। उम्रकैद की सजा काट रहा मंजीत पैरोल पर आने के बाद फरार हो गया था। वह अपने भाई की हत्या के मामले में कारागार में उम्रकैद की सजा काट रहा था। दिसंबर, 2023 में अतिरिक्ति जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल सपरा की अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पैरोल पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया था। जिसके बाद अब यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया है। जानकारी मिली है कि परिजनों ने शव को लेने से मना कर दिया है।

 जीजा पर दर्ज करवा दिया था हत्या का मामला

मिली जानकारी के अनुसार मंजीत ने 9 अगस्त 2021 को सदर थाना में मामला दर्ज कराया था कि उनकी गांव की जमीन का मुआवजा 10 अगस्त, 2021 को मिलना था। चिटाना गांव के रहने वाले उसके जीजा मोनू ने मुआवजे की धनराशि में अपना हिस्सा मांग रहा था। रुपये देने से मना करने पर उसने आठ-दस साथियों के साथ घर पर आकर हमला कर दिया था। जिसमें उसके भाई राजेश की मौत हो गई थी। पुलिस ने उसके जीजा सहित सात-आठ अन्य पर मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में गहनता से जांच की थी तो मामला संदिग्ध मिला था।

जांच में खुला मामला, मुआवजे के लिए भाई को मारा

पुलिस ने मंजीत को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की थी तो उसने भाई पर खुद हमला करना स्वीकार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि उसने जीजा को फंसाने के लिए मामला दर्ज कराने की बात कही थी। मंजीत ने पुलिस को बताया था कि उसकी मां का दो लाख रुपये का बीमा था। मां की मौत तीन साल पहले हो गई थी। बीमा के कागजात उसके पास थे, जबकि नामिनी उसका बड़ा भाई राजेश था। वह बीमा लेने के लिए कागजात मांग रहा था। इसको लेकर पहले भी झगड़ा हुआ था। तब से राजेश चिटाना गांव में जीजा के पास रह रहा था। घटना के दिन वह कागजात मांगने आया था। इसको लेकर विवाद हुआ था और चाकू लगने से बड़ा भाई घायल हो गया था। बाद में उसने जीजा का नाम ले लिया था।

 जेल में आया कग्गा गैंग के संपर्क में

मामले में अतिरिक्ति जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल सपरा ने मंजीत भाई की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बताया जा रहा है कि जेल में रहते हुए ही वह उत्तर प्रदेश के मुस्तफा कग्गा गैंग के संपर्क में आया। पैरोल मिलने के बाद वह फरार हो गया। उत्तर प्रदेश में ही उसने अपना ठिकाना बना लिया था।

माता-पिता की हो चुकी है, मौत, बहन से चल रही अनबन

जानकारी मिली है कि मृतक के गांव में चाचा-ताऊ गांव रहते है। मंजीत ने अपनी बहन पर चाकू से हमला करने का आरोप है। मंजीत के माता-पिता की मौत हो चुकी है। वहीं बहन से नाराजगी है। जिसके चलते परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया है।

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