झगड़ोली नहर में बम
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ जिले के झगड़ोली गांव के पास स्थित जेएलएन नहर में दो पुराने बम मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। नहर में पानी का स्तर कम होने के दौरान ग्रामीणों को नहर के तल में दो संदिग्ध गोले दिखाई दिए, जिसके बाद तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस, सीआईए, सीआईडी और रोहतक बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए विशेषज्ञों ने दोनों संदिग्ध बमों को नहर से बाहर निकालकर जांच शुरू की।
जांच में दोनों बम निकले निष्क्रिय
प्रारंभिक जांच में पता चला कि झगड़ोली नहर में मिले बम काफी पुराने थे और लंबे समय तक पानी में पड़े रहने के कारण पूरी तरह जंग खा चुके थे। बम निरोधक टीम के विशेषज्ञों ने जांच के बाद दोनों बमों को निष्क्रिय और कंडम घोषित कर दिया।
इस जानकारी के बाद स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। अधिकारियों के अनुसार दोनों बमों से किसी प्रकार के विस्फोट का खतरा नहीं था।
समय रहते टला बड़ा हादसा
ग्रामीणों की सतर्कता के कारण संभावित खतरे की सूचना समय पर प्रशासन तक पहुंच गई। हालांकि जांच में बम निष्क्रिय पाए गए, फिर भी सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया।
प्रमुख बिंदु
- झगड़ोली गांव के पास जेएलएन नहर में मिले दो बम
- पानी का स्तर कम होने पर दिखाई दिए संदिग्ध गोले
- पुलिस, सीआईए, सीआईडी और बम निरोधक टीम पहुंची मौके पर
- जांच में दोनों बम पुराने और निष्क्रिय पाए गए
- विशेषज्ञों ने दोनों को कंडम घोषित किया
- बम नहर में कैसे पहुंचे, इसकी जांच जारी
बमों के स्रोत की जांच शुरू
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये पुराने बम नहर में कहां से आए और कितने समय से वहां पड़े थे। सुरक्षा एजेंसियां आसपास के क्षेत्रों से भी जानकारी जुटा रही हैं ताकि बमों के स्रोत का पता लगाया जा सके।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
- थाना प्रभारी उज्ज्वल कुमार
- सीआईए इंचार्ज एवं सब-इंस्पेक्टर रवि कुमार
- सीआईडी की संयुक्त टीम
- रोहतक बम निरोधक दस्ता
- एएसआई संदीप कुमार और विशेषज्ञ टीम
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु के दिखाई देने पर उसे छूने की बजाय तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
-
ताजा अपडेट के लिए VartaHR.com विजिट करें
