ITI Kaithal
तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा के कैथल जिले ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) कैथल ने भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम आईटीआई ग्रेडिंग में 10 में से 9.6 अंक प्राप्त कर पूरे देश में तीसरा तथा हरियाणा में पहला स्थान हासिल किया है।
इस शानदार उपलब्धि के साथ राजकीय आईटीआई कैथल ने प्रदेश और जिले का गौरव बढ़ाया है। 9.6 ग्रेडिंग स्कोर के साथ आईटीआई कैथल, पिहोवा, बरवाला, भोडियाखेड़ा और महिला आईटीआई सिरसा ने हरियाणा में संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर इन संस्थानों को तीसरी रैंक मिली है।
विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) द्वारा जारी इस ग्रेडिंग में आईटीआई संस्थानों का मूल्यांकन कई महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर किया गया।
इनमें प्रवेश प्रतिशत, महिला सहभागिता, विभिन्न ट्रेडों की उपलब्धता, परीक्षा परिणाम, सीबीटी परीक्षा प्रदर्शन, डीएसटी नामांकन तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग प्रशिक्षुओं के नामांकन जैसे प्रमुख बिंदु शामिल थे।
राजकीय आईटीआई कैथल ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 9.6 का प्रभावशाली ग्रेडिंग स्कोर प्राप्त किया।
आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बनी सफलता की कुंजी
संस्थान की इस उपलब्धि के पीछे आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण और प्रशिक्षकों व विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
आईटीआई कैथल लंबे समय से युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
प्रवेश प्रक्रिया जारी, रिकॉर्ड आवेदन प्राप्त
संस्थान के प्रधानाचार्य ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं।
11 जून तक प्राप्त आवेदनों के अनुसार आईटीआई कैथल पूरे हरियाणा में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। संस्थान की कुल 924 सीटों के लिए अब तक 1,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं तथा अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को तकनीकी और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने के लिए आईटीआई में प्रवेश दिलाएं।
सामूहिक प्रयास का परिणाम : सतीश मच्छाल
संस्थान के प्रधानाचार्य सतीश मच्छाल ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे संस्थान के कर्मचारियों, प्रशिक्षकों और विद्यार्थियों की सामूहिक मेहनत एवं समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल तकनीकी शिक्षा देना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। यही सोच आज इस ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में सामने आई है।
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