Divyang Stadium in Haryana
स्पेशल ओलंपिक केवल खेल नहीं, आत्मविश्वास और नेतृत्व का आंदोलन: मुख्यमंत्री
हरियाणा के दिव्यांग खिलाड़ियों (Divyang Athletes in Haryana) के लिए बड़ी सौगात की घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐलान किया है कि प्रदेश में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए विशेष स्टेडियम (Special Stadium for Divyang Players) का निर्माण किया जाएगा। इस स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पेशल ओलंपिक केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व और समावेशन का एक सशक्त आंदोलन है। यह मंच यह संदेश देता है कि यदि अवसर, प्रशिक्षण और विश्वास मिले, तो हर व्यक्ति असाधारण बन सकता है।
एमडीयू में स्पेशल ओलंपिक भारत का आयोजन गौरव का विषय
मुख्यमंत्री मंगलवार को रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU Rohtak) में आयोजित स्पेशल ओलंपिक भारत राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक एमडीयू में इस आयोजन का होना न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल पदक जीतने का मंच नहीं है, बल्कि यह मानव आत्मा की शक्ति, आत्मविश्वास और असीम संभावनाओं का उत्सव है।
दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए समावेशी मंच
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्पेशल ओलंपिक्स हमें सिखाता है कि प्रतिभा किसी शारीरिक या बौद्धिक सीमा की मोहताज नहीं होती। यह मंच समाज को संवेदनशील, सकारात्मक और समावेशी दृष्टिकोण प्रदान करता है। स्पेशल ओलंपिक बौद्धिक दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक वैश्विक आंदोलन है, जो उन्हें सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता देता है।
दिव्यांग स्टेडियम बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुगम्य भारत (Accessible India) की सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हरियाणा में विशेष दिव्यांग स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पेशल ओलंपिक भारत को 31 लाख रुपये तथा खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने 21 लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा भी की।
हरियाणा खेलों का पावर हाउस: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा खेलों का पावर हाउस बन चुका है। इस भूमि ने देश को अनेक ओलंपियन और विश्व स्तर के चैंपियन दिए हैं। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद हरियाणा के स्पेशल ओलंपिक खिलाड़ी केशव की उपलब्धियों की विशेष सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत और समावेशी भारत की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकास का असली पैमाना यही है कि समाज का सबसे कमजोर व्यक्ति खुद को कितना सशक्त महसूस करता है।
हरियाणा में खेल बजट दोगुना से ज्यादा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में प्रदेश सरकार ने खेल सुविधाओं के विकास पर 989 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
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वर्ष 2014-15 में खेल बजट: 275 करोड़ रुपये
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चालू वित्त वर्ष में खेल बजट: 602 करोड़ 18 लाख रुपये
खेल अधोसंरचना का बड़ा नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में—
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राई (सोनीपत) में खेल विश्वविद्यालय
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3 राज्य स्तरीय खेल परिसर
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21 जिला स्तरीय स्टेडियम
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25 उपमंडल स्टेडियम
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163 राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर
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245 ग्रामीण स्टेडियम
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382 इनडोर जिम
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10 स्विमिंग पूल
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11 सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक
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14 हॉकी एस्ट्रोटर्फ
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2 फुटबॉल सिंथेटिक सतह
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9 बहुउद्देशीय हॉल
प्रदेश के 16 जिलों में खेल एवं युवा कार्यक्रम कार्यालयों में सुविधा केंद्र भी बनाए गए हैं।
खिलाड़ियों को उपकरण और प्रशिक्षण
सरकार द्वारा अब तक 15,634 खिलाड़ियों को खेल उपकरण उपलब्ध कराए जा चुके हैं। प्रदेश में 1,472 खेल नर्सरियां संचालित हैं, जहां 37 हजार से अधिक बच्चे नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पंचकुला स्थित ताऊ देवी लाल खेल परिसर में खिलाड़ियों के लिए रिहैबिलिटेशन सेंटर भी शुरू किया गया है।
खेलों में अग्रणी भूमिका निभा रहा हरियाणा: डॉ. मल्लिका नड्डा
स्पेशल ओलंपिक भारत की अध्यक्षा डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में हरियाणा अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खेल बजट बढ़ाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिव्यांगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। इन खेलों का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को मुख्यधारा से जोड़ना है।

