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महाकुंभ 2025 की चर्चित साध्वी हर्षा रिछारिया ने खोले अनकहे राज
महाकुंभ जैसे विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजन में, जहाँ करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं, वहीं कुछ चेहरे ऐसे भी सामने आते हैं जो चर्चा, विवाद और जिज्ञासा का केंद्र बन जाते हैं। महाकुंभ की साध्वी हर्षा रिछारिया इन्हीं में से एक हैं।
अब पहली बार, साध्वी हर्षा रिछारिया ने अपने जीवन से जुड़े कई अनकहे सच Channel 4 News India के सुपर एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में साझा किए हैं। वरिष्ठ पत्रकार दीपक अरोड़ा के साथ हुई इस खास बातचीत में उन्होंने अपने आध्यात्मिक सफर, ट्रोलिंग और विवादों पर खुलकर बात की।
सांसारिक जीवन से साध्वी बनने तक का सफर
इंटरव्यू में साध्वी हर्षा रिछारिया ने बताया कि किस तरह उन्होंने सांसारिक जीवन को त्याग कर धर्म और साधना का मार्ग चुना। उन्होंने स्वीकार किया कि इस फैसले के बाद उन्हें सोशल मीडिया ट्रोलिंग, सवालों और आरोपों का सामना करना पड़ा।
उनके पहनावे, अतीत और साध्वी होने को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हुईं, जिससे उन्हें मानसिक संघर्ष से गुजरना पड़ा। बावजूद इसके, उन्होंने अपने विश्वास और आध्यात्मिक साधना को कभी कमजोर नहीं होने दिया।
महाकुंभ में पहचान और राष्ट्रीय चर्चा
साध्वी हर्षा रिछारिया ने यह भी बताया कि महाकुंभ 2025 जैसे पवित्र आयोजन में शामिल होने के बाद उनकी पहचान कैसे अचानक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई। उन्होंने कहा कि ट्रोलिंग के साथ-साथ उन्हें आम श्रद्धालुओं से जबरदस्त समर्थन भी मिला, जिसने उन्हें और मजबूत बनाया।
यह इंटरव्यू क्यों है खास?
यह इंटरव्यू सिर्फ एक साध्वी की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक सोच पर भी सवाल उठाता है जहाँ आस्था और आधुनिकता को टकराव के रूप में देखा जाता है।
इस इंटरव्यू में जानिए:
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👉 धर्म के रास्ते पर चलने की असली कीमत क्या होती है?
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👉 सोशल मीडिया ट्रोलिंग और आरोपों के पीछे की सच्चाई
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👉 साध्वी हर्षा रिछारिया का वास्तविक जीवन दर्शन
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👉 महाकुंभ में एक महिला साध्वी को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है
