Moosam
- सबसे ठंडा रहा हिसार, पारा 2.5 डिग्री तक लुढ़का
- धीमी गति से हवा चलने की वजह से पारा ने एकदम दो डिग्री सेल्सियस नीचे गोता मारा
- लोगों अलाव के सहारे सर्दी से बचाते नजर आए
- बूंदाबांदी व हाड़ कंपा देने वाली ठंड से होगा नए वर्ष का स्वागत
- कृषि क्षेत्र के लिए लाभकारी रहेगा मौसम, जनजीवन होगा प्रभावित
- वर्तमान में पड़ रही सूखी ठंड फसलों के लिए फायदेमंद नहीं
वार्ता टीम : धीरे धीरे सर्दी ने अपने तेवर दिखाने आरंभ कर दिए है। अभी तक पारा नौ डिग्री सेल्सियस के आसपास था, लेकिन रविवार को धीमी गति से हवा चलने की वजह से पारा ने एकदम दो डिग्री सेल्सियस नीचे गोता मारा। जिस वजह से शाम ढलते ही ठंड के मारे लोग ठिठुरने लगे। लोगों ने अलाव के सहारे सर्दी से बचाते नजर आए। हालांकि दिन में चटक धूप तो कभी बादलवाई की वजह से पारा को उपर नहीं बढ़ने दिया, शाम होते ही पारा एकदम नीचे गोता मारने लगा। रविवार को पूरे दिन ठंड का ही दौर बना रहा। पूरे हरियाणा में पड़ रही ठंड व धुंध का प्रकोप आगामी कुछ दिनों तक जारी रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले नए साल का स्वागत हल्की बारिश और हाड़ कंपा देने वाली ठंड से होगा। इस समय प्रदेश के कई जिले भयंकर ठंड की चपेट में है। हिसार सहित कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे है। रविवार को हिसार का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री दर्ज किया गया। जो इस सीजन में सबसे कम है।
गुरुग्राम और जींद भी ठिठुरे
इसी तरह जींद और गुरुग्राम का 3.4 डिग्री, महेन्द्रगढ़ का 4.5 डिग्री, सोनीपत का 5.7 डिग्री व भिवानी व सिरसा का तापमान 6.0 डिग्री दर्ज किया गया।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हरियाणा एनसीआर दिल्ली में पिछले दो महीनों से आमतौर पर मौसम शुष्क बना हुआ है और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से सम्पूर्ण इलाके में लगातार तापमान में उतार चढाव और ठंड के मिजाज में भी उतार चढाव देखने को मिल रहा है। दिसंबर में एक के बाद एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में केवल मौसम परिवर्तनशील बना रहा और साथ ही साथ ही साथ तापमान में उतार चढाव के साथ मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहा।

अब बदलेगा प्रदेश का मौसम
विशेषज्ञों के अनुसार वाले दिनों में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बड़े पैमाने पर बदलाव होने की संभावना है। एक मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ 30-31 दिसम्बर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर भारी बर्फबारी होने की और मैदानी राज्यों में विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 31 दिसम्बर से 2 जनवरी के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी और उत्तरी जिलों में एक दो स्थानों पर ओलावृष्टि को नकारा नहीं जा सकता। हालांकि 31 दिसम्बर को रात्रि से ही मौसम में बदलाव और 1 जनवरी अलसुबह से हरियाणा एनसीआर में 60-70 प्रतिशत क्षेत्र में कहीं हल्की कहीं मध्यम तों कहीं बूंदाबांदी देखने को मिलेगी।
परिवर्तनशीन रहेगा मौसम : विशेषज्ञ
एचएयू के मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ का कहना है कि हरियाणा में मौसम 31 दिसंबर तक आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान एक और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से राज्य के ज्यादातर स्थानों पर बीच बीच में आंशिक बादलवाई रहने की संभावना है। इस दौरान दिन के तापमान में हल्की गिरावट व रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभावित है। इस दौरान नमी बढ़ने से ज्यादातर क्षेत्रों में पर अलसुबह व देर रात्रि धुंध भी रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 28 दिसंबर से 30 दिसंबर के बीच में ठंड और बढ़ने की संभावना है परंतु 31 दिसंबर के बाद उत्तर व उत्तर पश्चिमी शीत हवाएं चलने से विशेषकर रात्रि तापमान में फिर से गिरावट संभावित है।
बरसात व ठंड को कृषि क्षेत्र के लिए माना जा रहा है वहीं इससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा। फिलहाल शीत लहर चलने और सूखी ठंड पड़ने की संभावना से धरतीपुत्र चिंता में है लेकिन आने वाले समय में हल्की बरसात व उसके बाद के मौसम से उनकी फसलें अच्छी होने की उम्मीद है। सूखी ठंड की वजह से गेहूं, सरसों, बरसीम सहित अन्य कई फसलों और सब्जियों पर असर पड़ सकता है। किसानों का मानना है कि इस समय इन फसलों के लिए हल्की बारिश या गहरी धुंध अच्छा प्रभाव डालती है। घना कोहरा फसलों में सिंचाई का काम करता है। किसानों का मानना है सूखी ठंड और सूखा पाला फसलों के लिए नुकसानदायक होता है।

