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Cold weather

  • -धुंध के कारण दृश्यता मात्र 5 फीट तक सिमटी
  • -सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई
  • -हाईवे और ग्रामीण मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए

कैथल/सीवन। नगर व आसपास के क्षेत्रों में एक बार फिर कड़ाके की ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लगातार गिरते तापमान, सुबह से छाई घनी धुंध और कोहरे के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सर्द हवाओं के चलते लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है, वहीं ठंड से बचाव के लिए लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। सुबह के समय घनी धुंध और कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। हाईवे और ग्रामीण मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर वाहन चालकों को लाइटें जलाकर और बेहद धीमी गति से सफर करना पड़ा। ठंड और कोहरे के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रही, जिससे लोग अतिरिक्त सतर्कता बरतते दिखाई दिए। सबसे अधिक परेशानी नन्हे-मुन्ने बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है।

बच्चों को हो रही परेशानी

कड़ाके की ठंड के बावजूद छोटे बच्चों को सुबह-सुबह स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे अभिभावक भी चिंतित नजर आए। अभिभावकों का कहना है कि इस भीषण ठंड में बच्चों का घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है और स्कूलों में कुछ दिनों की छुट्टियां घोषित की जानी चाहिए। ठंड का असर बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुबह के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और दिन चढ़ने के बाद ही लोगों की आवाजाही बढ़ी। चाय की दुकानों और अलाव के आसपास लोग ठंड से राहत पाने के लिए जुटते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे का असर और बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने, गर्म कपड़ों का उपयोग करने और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। ठंड ने आमजन की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और लोगों को अब राहत के लिए मौसम के बदलने का इंतजार है।

कोहरे में बरतें विशेष सावधानी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीवन के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरकीरत ने बताया कि कड़ाके की ठंड और कोहरे के मौसम में विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोग सुबह और देर शाम अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर, कान और गले को अच्छी तरह ढककर रखें तथा गर्म कपड़े पहनें। डॉ. हरकीरत ने कहा कि बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीपी, शुगर व सांस संबंधी रोगों से ग्रसित मरीजों को ठंड से विशेष खतरा रहता है। ऐसे लोगों को नियमित रूप से गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए और ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए।

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