• Wed. Jan 21st, 2026

Haryana News - Vartahr

हरियाणा ,करियर, देश विदेश की खबरें

Tesla couldn’t gain speed : भारत में रफ्तार नहीं भर पाई मस्क की टेस्ला, 600 ने बुक कराई, खरीदी सिर्फ 227 ने

Tesla couldn’t gain speed

  • एक-तिहाई वाहनों को बेचने में संघर्ष करना पड़ रहा
  • सुस्त मांग के कारण कंपनी द्वारा भेजी गई लगभग 300 यूनिट्स में से करीब 75 एसयूवी बिना बिके पड़ी
  • भारत में इसकी शुरुआती कीमत लगभग 70,000 डॉलर (करीब 60 लाख रुपये)

मुंबई। जब टेस्ला ने पिछले साल के मध्य में भारत में प्रवेश किया, तो उम्मीदें काफी ऊंची थीं। एलन मस्क के नेतृत्व वाली यह इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी लंबे समय से दुनिया के तीसरे सबसे बड़े पैसेंजर-व्हीकल बाजार भारत में प्रवेश के संकेत देती रही थी और एक समय तो स्थानीय विनिर्माण संयंत्र लगाने की संभावना भी जताई थी। लेकिन भारत में आए हुए अभी एक साल से भी कम समय हुआ है और टेस्ला की शुरुआत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक मूल्य-संवेदनशील लेकिन तेजी से विकसित होते बाजार में प्रीमियम आयातित ईवी बेचना कितना चुनौतीपूर्ण है। टेस्ला को पिछले वर्ष भारत में आयात किए गए शुरुआती बैच के लगभग एक-तिहाई वाहनों को बेचने में संघर्ष करना पड़ रहा है। सुस्त मांग के कारण कंपनी द्वारा भेजी गई लगभग 300 यूनिट्स में से करीब 75 एसयूवी बिना बिके पड़ी हैं। इन्वेंटरी कम करने के लिए टेस्ला 2 लाख रुपये तक की छूट दे रही है, हालांकि ये ऑफर ग्राहकों तक चुपचाप पहुंचाए जा रहे हैं।

Tesla couldn't gain speed

टेस्ला के ऊंचे दाम बने परेशानी

टेस्ला की भारत एंट्री एक ही उत्पाद पर आधारित थी मॉडल वाई। भारत में इसकी शुरुआती कीमत लगभग 70,000 डॉलर (करीब 60 लाख रुपये) है, जो इसे अपने सेगमेंट की सबसे महंगी ईवी में से एक बनाती है़ टेस्ला को भारत में लगभग 600 बुकिंग्स मिली थीं, लेकिन इन ऑर्डर्स का एक बड़ा हिस्सा वास्तविक डिलीवरी में तब्दील नहीं हो सका। रजिस्ट्रेशन डेटा के अनुसार 2025 में टेस्ला के केवल 227 वाहनों को भारत में रजिस्टर किया। शुरुआती बुकिंग करने वाले अब खरीद पूरी करने में हिचक रहे हैं। टेस्ला की मुश्किलें ऐसे समय में बढ़ रही हैं जब उसका वैश्विक प्रदर्शन भी कमजोर हुआ है। कंपनी की विश्वव्यापी बिक्री 2025 में लगातार दूसरे वर्ष गिरी है। चीन की बीवाईडी टेस्ला को पीछे छोड़ दुनिया की सबसे बड़ी ईवी निर्माता कंपनी बन गई।

टेस्ला के मजबूत प्रतिद्वंद्वी

टेस्ला की कमजोर शुरुआत के विपरीत कई वैश्विक कंपनियों ने भारत में बेहतर प्रदर्शन किया है।

-200% तक वृद्धि हुई है बीएमडब्लू की ब्रिक्री में
-3,700 वाहनों की बिक्री की उसने इस अवधि में
-88% की वृद्धि हुई बीवाईडी की बिक्री में पिछले साल
-5,400 से अधिक रही रही उसके ईवी की बिक्री

-बीवाईडी के सीलॉयन 7 जैसे मॉडल टेस्ला से कम कीमत में अधिक फीचर्स देते हैं, जिससे वे उन ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं जो टेस्ला पर विचार कर रहे थे।

सर्विस भी है बड़ी समस्या

कीमत के अलावा, टेस्ला की सीमित उपस्थिति भी समस्या है। भारत में इसके केवल कुछ ही शोरूम हैं और स्थानीय मैन्यूफैक्चरिंग न होने के कारण कंपनी को वह एक्सपोजर नहीं मिलता जो स्थापित लक्जरी ब्रांडों को मिलता है। सर्विस ढांचा भी बहुत कम है, जिससे रखरखाव और मरम्मत को लेकर खरीदारों में चिंता बनी रहती है। कंपनी की फिलहाल भारत में वाहन उत्पादन शुरू करने की कोई योजना नहीं है। केवल आयातित कारों की बिक्री पर ध्यान केंद्रित करने से कीमतें ऊंची और बिक्री कम बनी रह सकती है।

भारत के ईवी बाजार की रफ्तार

-16.37% की वृद्धि हुई 2025 में कुल ईवी खुदरा बिक्री में
-77% बढ़कर 99,975 से 1,76,817 हो गई इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों की बिक्री
-इसमें टाटा मोटर्स, महिंद्रा और एमजी जैसे मास-मार्केट निर्माताओं ने किफायती कीमतों, बेहतर उत्पाद गुणवत्ता और सरकारी प्रोत्साहनों के चलते बाजी मारी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *