SGT University में आज से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हो रहा है, जिसे विचारों का महाकुंभ कहा जा रहा है।
यह सम्मेलन विश्वविद्यालय के मानविकी, सामाजिक विज्ञान एवं उदार कला संकाय द्वारा
भारतीय विश्व मामलों की परिषद के सहयोग से तथा
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के प्रायोजन में
25 और 26 फरवरी को आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन का मुख्य विषय है —
“भारत की नैरेटिव कूटनीति : बदलती गतिशीलताएँ”
इस सम्मेलन में भारत की नैरेटिव कूटनीति पर गहन विमर्श किया जाएगा।
तेजी से बदलते भू-राजनीतिक परिवेश, डिजिटल क्रांति, जलवायु परिवर्तन और
बहु-ध्रुवीय विश्व व्यवस्था के दौर में कूटनीति अब केवल रणनीति तक सीमित नहीं रही।
यह अब विचार-धाराओं (नैरेटिव्स), प्रतीकों, सांस्कृतिक स्मृति और
डिजिटल संचार के माध्यम से संचालित हो रही है।
इस सम्मेलन में चर्चा की जाएगी कि भारत किस प्रकार —
-
वसुधैव कुटुम्बकम
-
वैश्विक दक्षिण सहयोग
-
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना
-
भारतीय प्रवासी सहभागिता
-
योग एवं आयुर्वेद
-
बौद्ध विरासत
-
समुद्री संपर्कता
-
खाद्य कूटनीति
-
भारतीय सिनेमा
जैसे सॉफ्ट पावर के माध्यमों के जरिए अपनी वैश्विक छवि को सशक्त बना रहा है।
7 देशों और 22 भारतीय राज्यों से 150 से अधिक विद्वानों की भागीदारी
यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय संबंध, सांस्कृतिक अध्ययन, मीडिया अध्ययन,
रणनीतिक अध्ययन और डिजिटल मानविकी के अंतर-विषयी दृष्टिकोण पर आधारित है।
सम्मेलन के दौरान —
-
पूर्ण सत्र
-
मुख्य भाषण
-
पैनल चर्चाएँ
-
10 विषयगत तकनीकी सत्र
का आयोजन किया जाएगा।
इस अकादमिक आयोजन में —
-
7 देश
-
18 भारतीय राज्य
-
4 केंद्र शासित प्रदेश
से 150 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जो
75 से अधिक विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और नीति-निर्माण निकायों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
नीति निर्माण और अकादमिक जगत के बीच बनेगा मजबूत सेतु
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन न केवल अकादमिक जगत बल्कि नीति निर्माण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
यह आयोजन भारत की विकसित होती नैरेटिव रणनीतियों को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करेगा और
वैश्विक कूटनीतिक विमर्श में भारत के बौद्धिक योगदान को और सशक्त बनाएगा।
VartaHR – हरियाणा का नंबर-1 डिजिटल हिन्दी न्यूज़ प्लेटफॉर्म।”
