Sgt University में चिकित्सा शिक्षा के लिए शरीर दान को दिया गया सम्मान
गुरुग्राम स्थित देश की प्रतिष्ठित गुरु गोबिंद सिंह ट्राई सेंटेनरी यूनिवर्सिटी (Sgt University) में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देने के उद्देश्य से कैडेवर रिसीविंग समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Faculty of Indian Medical System (FIMS) द्वारा आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य चिकित्सा अनुसंधान के लिए किए गए शरीर दान (Body Donation) को सम्मान प्रदान करना था।
इस अवसर पर श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय से चिकित्सा अनुसंधान हेतु एक कैडेवर Sgt University को प्राप्त हुआ, जिसे पूर्ण गरिमा, सम्मान और पारंपरिक विधि-विधान के साथ स्वीकार किया गया।
कैडेवर रिसीविंग समारोह में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस गरिमामयी समारोह में Sgt University के कई वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष रूप से:
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प्रो वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) अतुल नासा
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एफआईएमएस के डीन प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार शर्मा
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एसोसिएट डीन डॉ. विद्यावती वी. हिरेमथ
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एसजीटी आयुर्वेद अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. प्रवीण चौधरी
की गरिमामयी उपस्थिति रही।
पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ
कैडेवर रिसीविंग समारोह की शुरुआत पारंपरिक पूजन एवं वैदिक विधियों के साथ हुई। यह धार्मिक अनुष्ठान सहायक प्रोफेसर व्यास द्वारा संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. अभिलाषा भारद्वाज, सहायक प्रोफेसर (रचना शरीर विभाग) द्वारा किया गया, जबकि सभी प्रक्रियाओं की गरिमा और नैतिकता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी डॉ. जगजीत सिंह ने निभाई।
“कैडेवर चिकित्सा शिक्षा का पहला गुरु है” – Sgt University
सभा को संबोधित करते हुए एफआईएमएस के डीन प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि:
“कैडेवर चिकित्सा शिक्षा का आद्य गुरु है। यह छात्रों को मानव शरीर की जटिल संरचना और कार्यप्रणाली को वास्तविक रूप में समझने का अवसर प्रदान करता है।”
वहीं प्रो वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) अतुल नासा ने अपने संबोधन में कहा कि:
“शरीर दान सेवा, त्याग और मानवता के सर्वोच्च आदर्शों का प्रतीक है। Sgt University ऐसे महादान को नमन करती है और दानकर्ता परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती है।”
कैडेवरिक शपथ और नैतिक जिम्मेदारी की प्रतिज्ञा
समारोह के दौरान कैडेवरिक शपथ दिलाई गई, जिसमें संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे:
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कैडेवर का पूर्ण सम्मान करेंगे
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चिकित्सा नैतिकता का पालन करेंगे
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दानकर्ता के प्रति कृतज्ञता बनाए रखेंगे
यह शपथ चिकित्सा शिक्षा में मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण कदम रही।
भारतीय चिकित्सा परंपरा और सुश्रुत का स्मरण
कार्यक्रम में भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा को भी स्मरण किया गया। शल्य चिकित्सा के जनक सुश्रुत का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने सदियों पहले कैडेवर के विवेचन को चिकित्सा शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा बताया था। Sgt University उसी समृद्ध परंपरा को आधुनिक अनुसंधान से जोड़ते हुए आगे बढ़ा रही है।
दानकर्ता को श्रद्धांजलि: मौन और पुष्पांजलि
दानकर्ता और उनके परिवार के सम्मान में एक मिनट का मौन रखा गया। इसके पश्चात सभी गणमान्य अतिथियों, संकाय सदस्यों और छात्रों ने पुष्पांजलि अर्पित कर महादान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
Sgt University की नैतिक और शैक्षणिक प्रतिबद्धता
इस कैडेवर रिसीविंग समारोह के माध्यम से Sgt University ने यह स्पष्ट किया कि वह:
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करुणा और मानवता
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नैतिक चिकित्सा अभ्यास
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उच्च स्तरीय शैक्षणिक उत्कृष्टता
के मूल्यों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यह आयोजन चिकित्सा शिक्षा की स्थायी विरासत और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण बना।
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