Rohtak Police
रोहतक, 18 फरवरी 2026। रोहतक पुलिस ने दिनेश उर्फ गोगा हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। सीआईए-1 स्टाफ की टीम ने मामले के मुख्य सरगना और गैंग के सूत्रधार को शिमली-बालंद लिंक रोड पर हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आत्मरक्षा में चलाई गई गोली पैर में लगी है और उसे उपचार के लिए PGIMS Rohtak में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ में घायल हुआ मुख्य आरोपी
पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह भौरिया ने बताया कि 16 फरवरी 2026 को दिल्ली बाईपास पर दिनेश उर्फ गोगा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहतक पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी।
सीआईए-1 प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह को गुप्त सूचना मिली कि वारदात में शामिल मुख्य आरोपी शिमली-बालंद लिंक रोड पर मौजूद है। पुलिस टीम ने संदिग्ध युवक को रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपी ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।
आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली
पुलिस ने आरोपी को सरेंडर करने की चेतावनी देते हुए हवाई फायर किया। इसके बावजूद आरोपी नहीं रुका और भागने का प्रयास करने लगा। आत्मरक्षा और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पुलिस ने पैर की ओर फायर किया, जिससे आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी।
घायल आरोपी की पहचान साहिल उर्फ सुखा पुत्र बिजेन्दर निवासी गांव रिटौली के रूप में हुई है।
देसी पिस्तौल और कारतूस बरामद
मौके से पुलिस ने आरोपी के पास से:
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1 देसी पिस्तौल
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2 जिंदा राउंड
बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला, अवैध हथियार रखने और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में थाना शिवाजी कॉलोनी में मामला दर्ज किया गया है।
हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साहिल उर्फ सुखा रोहतक के एक प्रमुख गैंग का मुख्य सरगना है। उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिनेश उर्फ गोगा की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
दिल्ली बाईपास पर हुई थी हत्या
गौरतलब है कि दिनेश उर्फ गोगा निवासी निजामपुर माजरा की 16 फरवरी 2026 की शाम दिल्ली बाईपास पर अज्ञात युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस संबंध में थाना अर्बन एस्टेट में मामला दर्ज है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।

