Rewari weather update
- -कल से मौसम में परिवर्तन की संभावना
- -हल्की बरसात या बूंदाबांदी के आसार
रेवाड़ी। एक सप्ताह तक मौसम साफ बना रहने के बाद कोहरे ने एक बार फिर रंग दिखाया। सड़क व यातायात कोहरे के कारण काफी प्रभावित हुआ। कोहरा छाने के कारण दिन के तापमान में कमी दर्ज की गई, परंतु रात का तापमान बढ़ गया। 23 जनवरी को मौसम में बदलाव के साथ आसमान में बादल छाने और हल्की बरसात की संभावना जताई जा रही है।बुधवार को सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। कई स्थानों पर विजिबिलिटी काफी खराब रही, जिससे सड़क से लेकर रेल यातायात तक प्रभावित हुआ। सड़कों पर वाहन चालक लाइटें जलाकर एक-दूसरे के पीछे चलते हुए नजर आए। दिल्ली-जयपुर नेशनल हाइवे पर फर्राटा दौड़ने वाले वाहन भी धीमी गति से चले।
रेल यात्रियों को परेशानी
चार लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन निर्धारित समय से देरी से हुआ, जिससे रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 10 बजे के बाद तेज धूप निकलने से कोहरा साफ हो गया। सर्दी का असर भी धूप ने काफी हद तक कम कर दिया। अधिकतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस कम होकर 23.5 डिग्री पर आ गया। न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाओं की गति 8 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि नमी का स्तर 82 प्रतिशत तक रहा।
मौसम विभाग का अनुमान
गत वर्ष 21 जनवरी को अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री और न्यूनतम 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग का अनुमान है कि एक विक्षोभ की सक्रियता के चलते आने वाले शुक्रवार को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। आसमान में बादलों के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
बारिश नहीं होने से किसान चिंतित
रबी फसल के सीजन में इस बार एक बार भी बारिश नहीं हुई है। बीते समय रबी सीजन के दौरान दिसंबर और जनवरी में चार-पांच बार बारिश हुई थी। बारिश नहीं होने के कारण किसानों को नलकूपों के पानी से सरसों और गेहूं की सिंचाई करनी पड़ रही है। दिन के समय मौसम गर्म होने की सूरत में फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। अगर इस समय बारिश होती है, तो इससे दोनों फसलों को अच्छा फायदा मिल सकता है।
एक्यूआई में सुधार से मिली राहत
मौसम में बदलाव के साथ प्रदूषण के स्तर में भी सुधार आया है। बुधवार को धारूहेड़ा का एक्यूआई 200 से नीचे आ गया। इससे पूर्व यह 400 तक पहुंच गया था। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की ओर से उद्योगों से लेकर प्रदूषण फैलाने वाले प्रतिष्ठानों तक की निगरानी की जा रही है। टूटी सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। बोर्ड की ओर से पंचायत विभाग को दो बार नोटिस जारी किए गए हैं।
