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रविवार देर शाम रेवाड़ी के बावल बाजार के छोटू राम चौक पर एक खतरनाक हादसा टल गया। एक ओवरलोड पिकअप में बिजली के तार उलझने की वजह से बिजली का खंभा टूटकर कार पर गिर गया, लेकिन कार में सवार तीन युवक बाल-बाल बच गए। घटना के समय बाजार में काफी भीड़ थी, जिससे लोगों में हड़कंप मच गया।
हादसे का पूरा विवरण
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार शाम करीब 7 बजे बावल बाजार से गुजर रही एक ओवरलोड पिकअप में बिजली के तार फंस गए। पिकअप की ऊँचाई बस के बराबर थी, और तार ढीले होने के कारण पिकअप में उलझ गए। अचानक खंभा संतुलन खोकर वहां से गुजर रही कार पर गिर पड़ा।
कार में सवार युवक नितेश, संदीप महलावत और ज्ञान चंद सैनी थे। हादसे के समय नितेश को सिर में मामूली चोट लगी। तीनों युवक किसी प्रकार अपनी जान बचाने में सफल रहे। नितेश ने बताया कि अगर खंभा थोड़ा देर में गिरता तो हादसा बहुत बड़ा हो सकता था।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए बिजली निगम को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर निगम के कर्मचारी समय-समय पर तारों और खंभों की मरम्मत करते और ढीले तारों को सही करते तो यह हादसा टल सकता था।
ईश्वर मनेचा, एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह हादसा पूरी तरह से लापरवाही का नतीजा है। ओवरलोड पिकअप और ढीले तारों के कारण बड़ी दुर्घटना होने वाली थी। अधिकारियों को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।”
पुलिस और बिजली निगम की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही बावल पुलिस मौके पर पहुंची। पीएसआई अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और बिजली निगम के कर्मचारियों को तत्काल मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने कहा कि ओवरलोड पिकअप में तार उलझने की वजह से खंभा गिरा।
बिजली निगम के कर्मचारी मौके पर आकर टूटे हुए खंभे को हटाने और अन्य खंभों और तारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगे। इसके साथ ही उन्होंने आस-पास के इलाकों में बिजली आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए भी कदम उठाए।
सावधानी की जरूरत
रेवाड़ी में यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि ओवरलोड वाहनों और ढीले बिजली तारों से गंभीर हादसा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर निरीक्षण और सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।
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ओवरलोड वाहनों को बाजार या घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने से पहले नियंत्रित किया जाना चाहिए।
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बिजली निगम को समय-समय पर बिजली खंभों और तारों की जांच करनी चाहिए।
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नागरिकों को भी ऐसे खतरों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
निष्कर्ष
इस घटना में तीन युवक बाल-बाल बच गए, लेकिन यह हादसा बताता है कि लापरवाही कभी भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। पुलिस और बिजली निगम की त्वरित कार्रवाई से और गंभीर नुकसान होने से बचा गया। स्थानीय लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि अधिकारियों द्वारा जल्द ही ढीले तारों और पुरानी बिजली संरचनाओं की मरम्मत की जाएगी।
रेवाड़ी और बावल के लोग इस घटना से सतर्क हैं और प्रशासन से यह मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम और सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।

