बिना शर्तें बताए बॉन्ड पर सहमति नहीं, मुख्यमंत्री नायब करें हस्तक्षेप
चंडीगढ़।
हरियाणा में MBBS इंटर्न बॉन्ड नीति हरियाणा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एमबीबीएस 2020 बैच के इंटर्न्स के समर्थन में डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन (DMA India) ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में डीएमए ने मुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक (DMER), हरियाणा को ज्ञापन सौंपा है।
डीएमए इंडिया का कहना है कि बिना शर्तें स्पष्ट किए बॉन्ड पर सहमति लेना अनुचित और अपारदर्शी है। संगठन ने मांग की है कि MBBS इंटर्न बॉन्ड नीति हरियाणा को लेकर सभी नियम और शर्तें सार्वजनिक की जाएं।
🔴 MBBS 2020 बैच के इंटर्न्स के समर्थन में डीएमए
डीएमए की ओर से जारी यह ज्ञापन
डॉ. अमित व्यास (राष्ट्रीय अध्यक्ष),
डॉ. शुभ प्रताप सोलंकी (राष्ट्रीय महासचिव),
डॉ. भानु कुमार (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष)
और डॉ. प्रियंशु शर्मा (राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ सचिव)
द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया।
डीएमए के अनुसार, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (DMER) द्वारा 1 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के तहत MBBS इंटर्न बॉन्ड नीति हरियाणा पर सहमति अपेक्षित की गई है, लेकिन नीति के कई महत्वपूर्ण पहलू अब तक स्पष्ट नहीं किए गए हैं।
❓ बॉन्ड नीति को लेकर इंटर्न्स की मुख्य आपत्तियाँ
डीएमए ने बताया कि वर्तमान MBBS इंटर्न बॉन्ड नीति हरियाणा में निम्नलिखित बिंदुओं को लेकर स्थिति साफ नहीं है:
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सेवा का दायित्व और कार्यक्षेत्र
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पदस्थापन (Posting) कहां और कैसे होगी
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वेतन या मानदेय
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सेवा की अवधि
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पीजी प्रवेश पर प्रभाव
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प्रतियोगी परीक्षाओं पर असर
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कानूनी प्रक्रिया और दंड प्रावधान
इन जानकारियों के बिना बॉन्ड पर सहमति लेना मेडिकल इंटर्न्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
🏛️ मुख्यमंत्री से डीएमए की प्रमुख माँगें
🔹 विस्तृत अधिसूचना जारी की जाए
डीएमए ने मांग की है कि MBBS इंटर्न बॉन्ड नीति हरियाणा को लेकर एक स्पष्ट और विस्तृत अधिसूचना जारी की जाए, जिसमें सेवा शर्तों, वेतन, अवधि, पदस्थापन और पीजी एडमिशन पर प्रभाव का साफ उल्लेख हो।
🔹 DMER स्तर पर बैठक बुलाई जाए
संगठन ने यह भी आग्रह किया है कि DMER स्तर पर शीघ्र एक बैठक आयोजित की जाए, जिसमें संबंधित अधिकारी, मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधि और इंटर्न्स शामिल हों, ताकि नीति पर पारदर्शी चर्चा हो सके।
🗣️ डीएमए अध्यक्ष का बयान
डीएमए इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अमित व्यास ने कहा,
“बिना नियम और शर्तें बताए बॉन्ड पर सहमति माँगना प्रशासनिक रूप से आसान हो सकता है, लेकिन यह संस्थागत रूप से उचित नहीं है।”
👨⚕️ इंटर्न्स बोले – सेवा को तैयार, लेकिन शर्तें स्पष्ट हों
एमबीबीएस इंटर्न्स ने कहा कि वे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन पहले यह स्पष्ट किया जाए कि सेवा किन शर्तों पर, कितने समय के लिए और किस भविष्य के साथ होगी।
डीएमए इंडिया ने उम्मीद जताई है कि सरकार MBBS इंटर्न बॉन्ड नीति हरियाणा पर शीघ्र और जिम्मेदार निर्णय लेगी।
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