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Haryana news स्टेमिना बढ़ाने के इंजेक्शन ने पहलवान को पहुंचाया AIIMS:

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Feb 12, 2026
Haryana news

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स्टेमिना बढ़ाने की चाह बनी जानलेवा

हरियाणा के रोहतक के एक 35 वर्षीय पहलवान को प्रदर्शन सुधारने के लिए लिया गया इंजेक्शन भारी पड़ गया। स्टेमिना बढ़ाने के लिए उसने मेफेंटरमाइन (टर्मिन 30 mg) इंजेक्शन लिया, जिसके बाद उसके दिल में खून का बड़ा थक्का (ब्लड क्लॉट) बन गया। गंभीर हालत में उसे AIIMS दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराना पड़ा। समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।

यह मामला खेल जगत में बढ़ते ड्रग दुरुपयोग (Drug Abuse in Sports) पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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प्रदर्शन के दबाव में लिया खतरनाक फैसला

कुश्ती जैसे खेल में असाधारण स्टेमिना, ताकत और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है। लंबे मुकाबलों के कारण खिलाड़ियों पर बेहतर प्रदर्शन का भारी दबाव रहता है।

पीड़ित पहलवान पिछले 20 वर्षों से कुश्ती कर रहा था। उसने बताया कि अखाड़ों में कई खिलाड़ी “पावर बूस्टर” के नाम पर टर्मिन इंजेक्शन ले रहे थे। दूसरों को देखकर उसने भी यह दवा लेना शुरू कर दिया।

क्या है मेफेंटरमाइन (टर्मिन)?

मेफेंटरमाइन सल्फेट एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है, जिसका उपयोग आमतौर पर ऑपरेशन के दौरान लो ब्लड प्रेशर (Hypotension) के इलाज में किया जाता है।

यह इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है:

  • नस में (Intravenous – IV)

  • मांसपेशियों में (Intramuscular – IM)

⚠️ यह दवा केवल डॉक्टर की निगरानी में दी जानी चाहिए, लेकिन कमजोर निगरानी के कारण कई जगह बिना पर्ची के भी उपलब्ध है।

ताकत का झूठा अहसास: कैसे काम करती है यह दवा?

डॉक्टरों के अनुसार मेफेंटरमाइन शरीर में नॉरएपिनेफ्रिन (Noradrenaline) हार्मोन का स्राव बढ़ाती है, जिससे:

  • रक्तचाप बढ़ता है

  • हृदय गति तेज होती है

  • कार्डियक आउटपुट बढ़ता है

  • ऊर्जा और ताकत का अस्थायी अहसास होता है

लेकिन यह “उधार की ताकत” होती है, जो हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालती है और लंबे समय में गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।

धीरे-धीरे बढ़ती गई डोज, लग गई लत

पहलवान ने शुरुआत में आधा मिलीलीटर डोज ली।
फिर मात्रा बढ़ाकर 1 मिलीलीटर और बाद में कई मिलीलीटर तक पहुंच गया।

सबसे खतरनाक बात यह रही कि उसने दवा सीधे नस में इंजेक्ट करनी शुरू कर दी।

कुछ महीनों बाद उसे ये समस्याएं होने लगीं:

  • अत्यधिक थकान

  • पेट फूलना

  • सिरदर्द

  • गैस की समस्या

  • दवा के बिना ट्रेनिंग न कर पाने की स्थिति

आखिरकार वह अचानक गिर पड़ा और ICU पहुंच गया।

मेफेंटरमाइन के दुष्प्रभाव: स्ट्रोक और अचानक मौत का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार मेफेंटरमाइन इंजेक्शन के दुरुपयोग से:

  • गंभीर उच्च रक्तचाप

  • अनियमित धड़कन (Arrhythmia)

  • स्ट्रोक

  • हृदय विफलता

  • अचानक मृत्यु

का खतरा बढ़ जाता है, खासकर जब इसे कड़ी शारीरिक मेहनत के दौरान लिया जाए।

क्या मेफेंटरमाइन खेलों में प्रतिबंधित है?

हाँ।
मेफेंटरमाइन प्रतिबंधित पदार्थ (Banned Substance) की श्रेणी में आता है।

डोप टेस्ट में पाए जाने पर खिलाड़ी को:

  • अयोग्यता

  • भारी जुर्माना

  • कई वर्षों का प्रतिबंध

का सामना करना पड़ सकता है।

कानूनी स्थिति और निगरानी की कमी

हालांकि मेफेंटरमाइन एक लाइसेंस प्राप्त दवा है, लेकिन इसे NDPS अधिनियम के तहत मादक पदार्थ की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।

तकनीकी रूप से यह केवल प्रिस्क्रिप्शन पर मिलनी चाहिए, लेकिन जमीनी स्तर पर निगरानी की कमी के कारण यह आसानी से उपलब्ध हो जाती है।

खेलों में बढ़ता ड्रग दुरुपयोग

विशेषज्ञों के अनुसार खेल जगत में निम्न दवाओं का दुरुपयोग बढ़ रहा है:

  • एनाबॉलिक स्टेरॉयड

  • ओपिओइड दर्द निवारक

  • एम्फेटामाइन जैसे स्टिमुलेंट

  • डाययूरेटिक्स

  • हार्मोन और रिकवरी दवाएं

  • एंटी-एंग्जायटी और नींद की दवाएं

स्टेमिना बढ़ाने का सुरक्षित तरीका क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार स्टेमिना बढ़ाने के लिए:

✅ संतुलित आहार
✅ वैज्ञानिक प्रशिक्षण
✅ पर्याप्त आराम
✅ नियमित मेडिकल चेकअप

ही सुरक्षित और टिकाऊ उपाय हैं।

निष्कर्ष: शॉर्टकट नहीं, सुरक्षित ट्रेनिंग ही विकल्प

आज पहलवान की हालत में सुधार है, लेकिन वह मानता है कि उसका करियर और शरीर स्थायी रूप से प्रभावित हो चुके हैं।

यह मामला साफ संकेत देता है कि स्टेमिना बढ़ाने के इंजेक्शन जैसे शॉर्टकट खिलाड़ी के जीवन और भविष्य दोनों को खतरे में डाल सकते हैं।

 

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