फरवरी में हरियाणा के 17 जिलों में सामान्य से कम बारिश
हरियाणा के 21 जिलों में से 18 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जिससे गेहूं की पछेती और अगेती फसल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। यदि दिन का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ता रहा, तो पैदावार पर असर और भी गंभीर हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी के अंतिम दिनों में तेज धूप और शुष्क मौसम के कारण दिन का तापमान तेजी से बढ़ा है। अगर पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियां नहीं होती हैं, तो किसानों को अगेती गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, जैसा कि 2020 और 2022 में हुआ था।
तापमान और फसल पर असर
वर्ष 2022 में मार्च महीने में सामान्य से अधिक गर्मी और समय से पहले तापमान वृद्धि के कारण गेहूं की पैदावार में 10 से 35% तक की गिरावट आई थी। इस गर्मी से दाने छोटे और कमजोर रह गए थे।
इस वर्ष भी दिन का तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। पलवल में रविवार को अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
किसानों के लिए सलाह: फसल की सही बढ़वार के लिए समय पर सिंचाई करें, खासकर पछेती गेहूं की किस्मों में।
हरियाणा में गेहूं की फसल का क्षेत्रफल
हरियाणा में कुल गेहूं का रकबा लगभग 60-62 लाख एकड़ (24-25 लाख हेक्टेयर) है। इसमें से 30-35% में अगेती गेहूं है, जबकि बाकी पछेती किस्में हैं।
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नियमित तापमान बढ़ने से पछेती फसल सबसे अधिक प्रभावित हो सकती है।
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अधिकतम पारा 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने पर सिंचाई जरूरी है।
जिलों में सामान्य से कम बारिश (फरवरी 2026)
| जिला | मिलीमीटर बारिश | सामान्य | कमी % |
|---|---|---|---|
| चरखीदादरी | 15.5 | 28.3 | 45 |
| फरीदाबाद | 13.2 | 25.3 | 48 |
| गुरुग्राम | 21.7 | 22.4 | 26 |
| हिसार | 17.1 | 19 | 10 |
| झज्जर | 18.5 | 18.9 | 2 |
| जींद | 24.8 | 29.2 | 15 |
| कैथल | 26.6 | 31.3 | 15 |
| करनाल | 29.4 | 43.9 | 33 |
| महेंद्रगढ़ | 12 | 20.7 | 42 |
| नूंह | 12.4 | 17.4 | 29 |
| पलवल | 16 | 16.8 | 5 |
| पंचकूला | 48.4 | 60.6 | 20 |
| रेवाड़ी | 15.2 | 18.7 | 19 |
| रोहतक | 21 | 26.6 | 21 |
| सिरसा | 6.7 | 17.8 | 62 |
| सोनीपत | 13.9 | 33.2 | 58 |
| यमुनानगर | 43.2 | 66.7 | 35 |
जिलों में सामान्य से अधिक बारिश (फरवरी 2026)
| जिला | मिलीमीटर बारिश | सामान्य | अधिक % |
|---|---|---|---|
| अंबाला | 60.4 | 54 | 12 |
| भिवानी | 23.2 | 20.2 | 15 |
| कुरुक्षेत्र | 56.7 | 33.6 | 69 |
कृषि विशेषज्ञ की सलाह
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पिछली फसल के अनुभव से किसान समय पर सिंचाई और फसल प्रबंधन करें।
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दिन का तापमान कम रहने पर फसल को लाभ मिलेगा।
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दाना की बढ़वार के लिए उचित पानी देना जरूरी है, ताकि गर्मी बढ़ने पर भी पैदावार सही रहे।
